देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के ‘भयमुक्त और सुरक्षित आवास’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए शासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में, आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने देहरादून स्थित आमवाला तरला आवासीय योजना का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और लाभार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की।
लाभार्थियों से सीधा संवाद और फीडबैक
निरीक्षण की शुरुआत में सचिव आवास ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत निर्मित EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) भवनों का मुआयना किया। उन्होंने केवल फाइलों तक सीमित न रहकर सीधे वहां रह रहे परिवारों से वार्ता की।
-
जनता की राय: लाभार्थियों ने आवास मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए सरकार का आभार जताया।
-
त्वरित समाधान: संवाद के दौरान आए सुझावों और छोटी-मोटी समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए डॉ. कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन-सुझावों के आधार पर आवश्यक सुधार तत्काल सुनिश्चित किए जाएं।
LIG, MIG और HIG फ्लैट्स की प्रगति
सचिव ने प्राधिकरण द्वारा बनाए जा रहे अन्य श्रेणियों के भवनों (LIG, MIG और HIG) का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सचिव को अवगत कराया कि योजना को लेकर जनता में भारी उत्साह है, जिसका प्रमाण यह है कि HIG वर्ग के लगभग सभी फ्लैट बुक हो चुके हैं।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: कड़े निर्देश
डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्माणदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष बल दिया:
-
समय सीमा: परियोजना को निर्धारित डेडलाइन के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।
-
तकनीकी मानक: निर्माण में उच्च स्तरीय तकनीकी मानकों और सामग्री का उपयोग सुनिश्चित हो।
-
नियमित मॉनिटरिंग: कार्यों की चरणबद्ध समीक्षा की जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की देरी या खामी से बचा जा सके।
“सरकार का लक्ष्य केवल छत देना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण जीवन स्तर प्रदान करना है। अधिकारी नियमित रूप से साइट का दौरा करें और तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।” — डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव आवास
