देहरादून: उत्तराखंड में तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप प्लेसमेंट और बेहतर वेतन दिलाने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नई कार्ययोजना पर बल दिया है। सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब केवल डिग्री या सर्टिफिकेट देना काफी नहीं है, बल्कि युवाओं को प्रशिक्षण के पहले दिन से ही ‘जॉब सिक्योरिटी’ के साथ जोड़ना सरकार की प्राथमिकता होगी।
विरोधाभास खत्म करने का ‘समेकित मॉडल’
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में मौजूद एक बड़े विरोधाभास की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ स्थानीय स्तर पर प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और कारपेंटर जैसे कुशल श्रमिक नहीं मिलते, वहीं दूसरी ओर आईटीआई प्रशिक्षित युवा रोजगार की तलाश में हैं।
इस खाई को पाटने के लिए उन्होंने तीन स्तरीय वर्कफोर्स मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए:
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बेसिक स्किल वर्कर: स्थानीय दैनिक कार्यों के लिए।
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मीडियम तकनीक वर्कफोर्स: मध्यम स्तर के उद्योगों के लिए।
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उच्च कुशल तकनीकी वर्कफोर्स: भविष्य की एडवांस तकनीकी मांग के लिए।
‘ट्रेनिंग के साथ जॉब टैगिंग’ की नई रणनीति
मुख्यमंत्री ने एक क्रांतिकारी निर्देश देते हुए कहा कि जैसे ही किसी युवा का प्रशिक्षण के लिए चयन हो, उसे तुरंत संबंधित रोजगार प्रदाता संस्थान (Industry) से ‘टैग’ कर दिया जाए। इससे ट्रेनिंग पूरी होते ही युवा के पास रोजगार की गारंटी होगी। इसके साथ ही पाठ्यक्रमों को 6 माह, मध्यम और दीर्घकालिक श्रेणियों में बांटकर परिणाम आधारित (Outcome-based) बनाने पर जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक के प्रमुख नीतिगत निर्णय
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स्मार्ट मानव संसाधन: केवल भवनों (इंफ्रास्ट्रक्चर) पर नहीं, बल्कि प्रशिक्षित ट्रेनर और अत्याधुनिक पाठ्यक्रम पर निवेश किया जाएगा।
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उद्योगों की भागीदारी: कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के सुझाव पर अब उद्योगों को प्रशिक्षण का हिस्सा बनाया जाएगा ताकि वे अपनी जरूरत के अनुसार युवाओं को तैयार कर सकें।
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ग्लोबल प्लेसमेंट: विदेश जाने वाले युवाओं को भारत सरकार की गाइडलाइंस के साथ-साथ संबंधित देश की संस्कृति और कार्यशैली के अनुरूप अनुकूलित (Adapt) करने के लिए विशेष प्रबंधन किया जाएगा।
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पारदर्शिता: सरकारी भर्तियों में पूर्ण पारदर्शिता और न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए ताकि युवाओं का भविष्य अधर में न लटके।
एक प्लेटफॉर्म पर आएंगे सभी विभाग
मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए कि कौशल विकास, शिक्षा, तकनीकी और सेवायोजन विभाग अलग-अलग काम करने के बजाय एक साझा प्लेटफॉर्म पर आएं। इससे डेटा शेयरिंग और प्लेसमेंट में आसानी होगी।
भविष्य की राह: विकसित भारत @ 2047
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं का कौशल ऐसा होना चाहिए जो न केवल राज्य की जीडीपी में योगदान दे, बल्कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत @ 2047’ के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करे। उद्योगों की मांग के अनुरूप स्किल अपग्रेडेशन ही बेरोजगारी की समस्या का स्थायी समाधान है।
यह बैठक इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार अब केवल संख्या बल (कितने प्रशिक्षित हुए) के बजाय गुणवत्ता (कितने प्लेस हुए और कितना वेतन मिला) पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
