देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय संवाद कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC 2026) के नौवें संस्करण के अवसर पर आज उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित सेंट एंग्नेस स्कूल में छात्र-छात्राओं के साथ प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें परीक्षा को एक ‘योद्धा’ की तरह पूरे आत्मविश्वास के साथ देने के लिए प्रेरित किया।
“परीक्षा जीवन की एक कड़ी है, संपूर्ण जीवन नहीं”
छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का यह संवाद अब एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए विद्यार्थियों से कहा:
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अमूल्य समय: स्कूल का समय जीवन का सबसे सुंदर काल है, जिसे पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी भरपूर जीना चाहिए।
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लक्ष्य निर्धारण: छात्रों को अपनी प्राथमिकताएं तय कर आगे बढ़ना चाहिए और परीक्षा के दबाव से मुक्त रहकर सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए।
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अभिभावकों को संदेश: सीएम ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और न ही उनकी तुलना दूसरों से करें।
उत्तराखण्ड में दोगुना हुआ उत्साह: रिकॉर्ड पंजीकरण
इस वर्ष ‘परीक्षा पे चर्चा’ ने सहभागिता के मामले में नया इतिहास रच दिया है। देशभर से जहाँ 4 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए हैं, वहीं उत्तराखण्ड के आंकड़ों में भी भारी उछाल देखा गया:
रुद्रप्रयाग के रोहन सिंह राणा ने चमकाया प्रदेश का नाम
उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय यह रहा कि राज्य के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए 10 प्रेरक वीडियो में से एक वीडियो को राष्ट्रीय स्तर पर चयनित किया गया है।
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चयनित छात्र: रोहन सिंह राणा (राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पालाकुराली, जखोली, रुद्रप्रयाग)।
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विशेष उपलब्धि: रोहन को प्रधानमंत्री के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विशेष रूप से दिल्ली आमंत्रित किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में नया आंदोलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘परीक्षा पे चर्चा’ ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक प्रदर्शन के बीच एक सेतु का काम किया है।
कार्यक्रम के दौरान महानिदेशक शिक्षा सुश्री दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती सहित अनेक शिक्षक और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने प्रधानमंत्री के संदेश को एकाग्रता के साथ सुना और जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
