हिन्दुस्तान शिखर समागम 2026: ‘देवभूमि’ की सुरक्षा और विकास के लिए समर्पित है हमारी सरकार — मुख्यमंत्री धामी

देहरादून | 25 फरवरी, 2026

देहरादून के मालसी स्थित एक निजी होटल में आयोजित ‘हिन्दुस्तान शिखर समागम-उत्तराखण्ड 2026’ में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के पिछले चार वर्षों के कार्यकाल को ‘ऐतिहासिक निर्णयों का कालखंड’ बताया और भविष्य की विकास योजनाओं का रोडमैप साझा किया।

सनातन संस्कृति और जनभावनाओं का सम्मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र और सनातन की पुण्यभूमि है। उन्होंने सरकार द्वारा लिए गए साहसिक निर्णयों को रेखांकित करते हुए कहा:

  • समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना जिसने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए UCC को लागू किया।

  • मदरसा बोर्ड का विलय: मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा में एकरूपता और पारदर्शिता के लिए मदरसा बोर्ड को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल किया गया है।

  • कड़े कानून: धर्मांतरण विरोधी कानून, सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून के माध्यम से राज्य को एक सुरक्षित और अनुशासित प्रदेश बनाने का प्रयास किया गया है।

अतिक्रमण मुक्त देवभूमि और डेमोग्राफी पर सख्ती

डेमोग्राफी में आ रहे बदलावों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर कार्य कर रही है, लेकिन छद्म तरीकों से राज्य की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। धार्मिक स्थलों के नाम पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने के अभियान को उन्होंने ‘देवभूमि के मूल स्वरूप को बचाने की मुहिम’ बताया।

आर्थिक प्रगति: खनन नीति से राजस्व में भारी उछाल

राज्य की आर्थिक स्थिति पर चर्चा करते हुए धामी ने बताया कि नई खनन नीति राज्य के लिए गेम-चेंजर साबित हुई है:

  • राजस्व वृद्धि: पिछले दो वर्षों में खनन से प्राप्त राजस्व ₹400 करोड़ से बढ़कर ₹1200 करोड़ सालाना के पार पहुँच गया है।

  • केंद्र से प्रोत्साहन: खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट सुधारों के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड को लगातार दो वर्षों तक ₹100-100 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है।

हरिद्वार कुंभ 2027: दिव्य और भव्य आयोजन की तैयारी

वर्ष 2027 में होने वाले हरिद्वार महाकुंभ को लेकर मुख्यमंत्री ने उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कुंभ की सुव्यवस्थित तैयारियों के लिए वे स्वयं 10 से अधिक समीक्षा बैठकें कर चुके हैं। केंद्र सरकार द्वारा कुंभ के लिए ₹500 करोड़ की धनराशि जारी किए जाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त किया।

उत्तराखण्ड गौरव सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को ‘उत्तराखण्ड गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान समाज के लिए प्रेरणा का कार्य करते हैं।

इस गरिमामयी कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्री खजानदास और हिन्दुस्तान के प्रधान संपादक श्री शशि शेखर सहित शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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