सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अहम बैठक: जिलाधिकारियों को आवासीय सोसायटियों में कैंप लगाने और शत-प्रतिशत बीएलए की तैनाती के निर्देश

देहरादून: आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को त्रुटिरहित और प्रभावी बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में राज्य के सभी जनपदों के जिलाधिकारियों (डीएम), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) ने भाग लिया। बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एसआईआर (SIR) को लेकर जिला स्तर पर चल रही तैयारियों और अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रशिक्षण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

बैठक में मतदाता सूचियों के सुदृढ़ीकरण पर जोर देते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन जनपदों में अभी तक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की तैनाती शत-प्रतिशत नहीं हो पाई है, वहां के जिलाधिकारी तत्काल प्रभाव से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करें। उन्होंने कहा कि समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द बीएलए की तैनाती की प्रक्रिया को पूर्ण कराया जाए। इसके अतिरिक्त, जिन बूथों पर राजनीतिक दलों द्वारा बीएलए की तैनाती की जा चुकी है, वहां उनके कार्यों को सुचारू बनाने के लिए तत्काल प्रशिक्षण शिविर आयोजित करना सुनिश्चित किया जाए।

बड़ी सोसायटियों में लगेंगे कैंप, बीएलओ के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य

शहरी क्षेत्रों में शत-प्रतिशत मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन विभाग ने विशेष रणनीति तैयार की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में बड़ी आवासीय सोसायटियां (Residential Societies) स्थित हैं, वहां विशेष नोडल अधिकारी तैनात किए जाएं। ये नोडल अधिकारी सोसायटियों के भीतर मतदाता पंजीकरण कैंप लगाने के लिए एक विस्तृत रोस्टर तैयार करेंगे ताकि कामकाजी और शहरी मतदाता आसानी से अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकें।

सुरक्षा और पहचान पर विशेष ध्यान: बैठक में फील्ड स्टाफ की जवाबदेही तय करते हुए निर्देश दिए गए कि ‘हाउस टू हाउस’ (घर-घर) सर्वे के दौरान सभी बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अनिवार्य रूप से भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) पहनकर ही जनता के बीच जाएं। इससे जनता में विश्वसनीयता बढ़ेगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

लॉजिस्टिक और डिस्ट्रीब्यूशन प्लान की समीक्षा

बैठक के दौरान राज्य स्तरीय प्रशिक्षण मॉड्यूल का एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) भी दिया गया, जिसके माध्यम से आगामी निर्वाचन प्रक्रियाओं की बारीकियों को समझाया गया। इसके साथ ही, मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने आगामी चरणों के दृष्टिगत सभी जनपदों से गणना प्रपत्रों (Counting Forms) की प्रिंटिंग, आवश्यक लॉजिस्टिक प्रबंधन और उनके सुरक्षित डिस्ट्रीब्यूशन (वितरण) प्लान का वन-टू-वन फीडबैक लिया, ताकि समय रहते सभी तैयारियां पुख्ता की जा सकें।

सचिवालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे, जबकि सभी जिलों के जिलाधिकारी और निर्वाचन टीमों के अधिकारी वर्चुअली माध्यम से जुड़े रहे।

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