देहरादून: उत्तराखंड परिवहन निगम के महाप्रबंधक (संचालन) पवन मेहरा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जानकारी दी कि यह सुविधा केवल रोडवेज की सामान्य (ordinary) बस सेवाओं पर ही लागू होगी. महिलाओं को किराए में शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी. इसके लिए उन्हें किसी अतिरिक्त कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा.
उत्तर प्रदेश की सीमा में भी मिलेगा लाभ
इस आदेश के अनुसार, यदि कोई बस उत्तराखंड से होकर उत्तर प्रदेश के किसी हिस्से से गुजरती है. लेकिन उसकी सेवा का संचालन उत्तराखंड परिवहन निगम द्वारा किया जा रहा है, तो उसमें भी महिलाओं को यह मुफ्त यात्रा सुविधा मिलेगी. राज्य की सीमाओं के भीतर महिलाओं की रक्षाबंधन यात्रा पूरी तरह से निशुल्क होगी.
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का यह फैसला सामाजिक सरोकार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. बीते सालों की तरह इस बार भी बहनों को उनके भाई तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सरकार ने अपने कंधों पर उठाई है. यह न केवल आर्थिक रूप से राहत देने वाला कदम है, बल्कि एक संवेदनशील सामाजिक संदेश भी देता है. इस फैसले से प्रदेशभर की हजारों महिलाएं लाभान्वित होंगी, जो रक्षाबंधन पर दूर-दराज के इलाकों से अपने भाइयों के पास जाना चाहती हैं. यह पहल सरकार की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और महिला सम्मान जैसी नीतियों की भावना के अनुरूप है. रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर सरकार का यह निर्णय उत्तराखंड में महिलाओं के लिए चलाई जा रही सकारात्मक नीतियों को दर्शाता है.
