उत्तराखंड की धामी सरकार प्रदेश के होनहार छात्रों के भविष्य को संवारने के लिए संवेदनशीलता के साथ निरंतर कदम उठा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में मेधावियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं के परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं। हाल ही में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इन योजनाओं की प्रगति का ब्योरा साझा किया।
छात्रवृत्ति वितरण के मुख्य आंकड़े
राज्य सरकार ने अब तक प्रदेश के मेधावियों के लिए कुल 17 करोड़ 67 लाख 77 हजार तीन सौ रुपये की धनराशि वितरित की है। इस निवेश का सीधा लाभ उन बच्चों को मिल रहा है जो अपनी प्रतिभा के दम पर प्रदेश का नाम रोशन करना चाहते हैं।
प्रमुख योजनाओं का स्वरूप और लाभ
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मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना: यह योजना वर्तमान में सबसे सफल साबित हो रही है। इसके तहत कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों को उनकी योग्यता के आधार पर 600 रुपये से लेकर 1200 रुपये प्रति माह तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक तंगी को शिक्षा के आड़े न आने देना है।
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विविध छात्रवृत्ति कार्यक्रम: सरकार केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित नहीं है। राज्य में डॉ. शिवानंद नौटियाल स्मृति छात्रवृत्ति और श्रीदेव सुमन राज्य योग्यता छात्रवृत्ति के साथ-साथ राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कोर (RIMC) के छात्रों को भी सहायता दी जा रही है।
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सैनिक स्कूलों को प्रोत्साहन: धामी सरकार की संवेदनशीलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश से बाहर के सैनिक स्कूलों में पढ़ रहे उत्तराखंड के मेधावी छात्रों को भी छात्रवृत्ति का लाभ दिया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री का वक्तव्य
विधानसभा में जानकारी देते हुए डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य शिक्षा के स्तर को सुधारना और मेधावी बच्चों को उचित मंच प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति की यह राशि सीधे पात्र बच्चों तक पहुंचाई जा रही है, जिससे उनके शैक्षणिक विकास में निरंतरता बनी रहे।
धामी सरकार की ये योजनाएं उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रही हैं। ‘वरदान’ साबित हो रही ये छात्रवृत्तियां न केवल बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा रही हैं, बल्कि अभिभावकों को भी अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
