हारने वाली महिला प्रत्याशी मधु नौटियाल ने अब इस प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नौटियाल का आरोप है कि मतगणना पूरी होने के बाद एसडीएम और आरओ ने पहले मौखिक रूप से उन्हें विजेता घोषित कर दिया था। लेकिन तभी विरोधी प्रत्याशी प्यारे लाल नौटियाल के एक रिश्तेदार अंडा आए, जिनके पास न तो एजेंट का दर्जा था और न ही कोई पास। इसके बाद आरओ ने खुद से पर्ची निकालकर जीत दूसरी ओर यानी प्यारे लाल नौटियाल के नाम कर दी।
प्रत्याशी ने उठाए प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल
मधु नौटियाल ने अब इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि लक्की ड्रॉ में न मेरी सहमति ली गई, न ही दोनों पर्चियां दिखाई गई। आरओ ने खुद ही पर्ची निकालकर नतीजा घोषित कर दिया। ये लोकतंत्र का अपमान है। उनका यह भी आरोप है कि जानबूझकर उनके चुनाव एजेंट को मतगणना स्थल से दूर रखा गया, जबकि विरोधी प्रत्याशी के एक रिश्तेदार को बिना अधिकृत पास के प्रवेश दे दिया गया।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी ने दिए जांच के आदेश
इधर मामला उपजिला निर्वाचन अधिकारी वरुणा अग्रवाल तक पहुंचा, जिन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। अग्रवाल ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी जांच के आदेश दिए गए हैं। अगर प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई गई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मधु नौटियाल प्रशासन से लक्की ड्रॉ की पूरी वीडियो फुटेज सार्वजनिक करने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि अगर प्रक्रिया पारदर्शी होती, तो किसी भी पक्ष को आपत्ति नहीं होती।
