देहरादून: उत्तराखंड में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को निखारने और छात्रों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाने की तैयारी कर ली है। सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UIT) देहरादून के छह प्रमुख परिसर संस्थानों के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु राज्य और केंद्र पोषित योजनाओं के माध्यम से इन संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना रहा।
पर्वतीय क्षेत्रों के परिसरों पर विशेष ध्यान
मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि विश्वविद्यालय के पर्वतीय क्षेत्रों (गोपेश्वर, पिथौरागढ़, टनकपुर, बौन-उत्तरकाशी) में स्थित परिसरों में आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
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छात्रों की संख्या में वृद्धि: जब संस्थानों में आवश्यक संसाधन और सुविधाएं होंगी, तभी तकनीकी विषयों में छात्रों की रुचि बढ़ेगी।
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स्थापना के उद्देश्यों की पूर्ति: इन परिसरों की स्थापना जिस विजन के साथ की गई है, वह तभी सफल होगा जब छात्रों को वहां रहने और पढ़ने का उचित वातावरण मिले।
आवासीय सुविधाओं और फैकल्टी पर जोर
बैठक में मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय प्रशासन को हॉस्टल और फैकल्टी आवास के निर्माण हेतु विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
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हॉस्टल निर्माण: गोपेश्वर, पिथौरागढ़, टनकपुर, बौन और WIT देहरादून में नए हॉस्टल बनाए जाएंगे।
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फैकल्टी रिटेंशन: प्रमुख फैकल्टी को संस्थानों में रोकने के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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संसाधन और उपकरण: बेहतर शिक्षा के लिए लैब्स में आधुनिक उपकरण और अन्य शैक्षिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
“संस्थानों में बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करने हेतु हॉस्टल, योग्य फैकल्टी और आवश्यक उपकरणों का होना बुनियादी आवश्यकता है।” — श्री आनंद बर्द्धन, मुख्य सचिव
वित्तीय योजना और भविष्य की रणनीति
मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय को अपनी आय के स्रोतों में वृद्धि करने और अवस्थापना विकास पर होने वाले व्यय का एक स्पष्ट खाका पेश करने को कहा है।
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कैबिनेट की मंजूरी: कुलपति द्वारा प्रस्तुत विस्तृत प्रस्ताव की समीक्षा वित्त विभाग से परामर्श के बाद की जाएगी, जिसके उपरांत इसे अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
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प्रस्तुतिकरण: बैठक के दौरान कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से विश्वविद्यालय की वर्तमान स्थिति और भविष्य की जरूरतों से अवगत कराया।
उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा, वी. षणमुगम, रजिस्ट्रार राजेश उपाध्याय और डब्ल्यू आईटी (WIT) के निदेशक मनोज पांडा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
