देहरादून, 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राजधानी देहरादून का गांधी पार्क राष्ट्रभक्ति के स्वरों से सराबोर हो उठा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। यह अवसर इसलिए भी ऐतिहासिक रहा क्योंकि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ अपनी रचना के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर चुका है।
वंदे मातरम्: आस्था और एकता का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत को याद करते हुए कहा कि यह केवल एक कविता नहीं, बल्कि माँ भारती के प्रति समर्पण और कर्तव्यबोध की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा:
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स्वतंत्रता का नारा: वंदे मातरम् ने स्वाधीनता आंदोलन के दौरान देशवासियों को एक साझा सांस्कृतिक पहचान दी।
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भावनात्मक सूत्र: जब हजारों लोग एक साथ इस गीत को गाते हैं, तो उनके हृदय और संकल्प एक हो जाते हैं।
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गुरुदेव का योगदान: रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा इसे संगीतबद्ध किए जाने के बाद यह राष्ट्र के प्रति त्याग का सजीव प्रतीक बन गया।
सशक्त लोकतंत्र और बढ़ती अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने भारतीय संविधान को केवल एक कानूनी दस्तावेज न मानकर इसे भारत की प्राचीन सभ्यता का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख का उल्लेख करते हुए कहा:
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चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
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डिजिटल क्रांति: यूपीआई (UPI) और डिजिटल इंडिया ने सीधे नागरिकों के जीवन को सुगम बनाया है।
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बुनियादी ढांचा: नेशनल हाईवे, स्मार्ट सिटी और हवाई कनेक्टिविटी से देश को नई गति मिली है।
उत्तराखंड: विकास के नए कीर्तिमान
राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए सीएम धामी ने कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए, जो राज्य की बदलती तस्वीर को दर्शाते हैं:
‘विकल्प रहित संकल्प’
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ काम कर रही है। सड़कों के नेटवर्क का दोगुना होना और प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना की वृद्धि यह प्रमाणित करती है कि देवभूमि अब देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने अंत में सेना और पुलिस के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जनता से राष्ट्र निर्माण में योगदान की अपील की।
इस गरिमामयी अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, सविता कपूर और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
