देहरादून: उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा की गरिमा और सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर झूठ और भ्रामक खबरें फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई को और तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में पुलिस ने जनपद रुद्रप्रयाग में दो और मुकदमे दर्ज किए हैं।
सोशल मीडिया पर ‘डिजिटल स्ट्राइक’ और FIR
राज्य सरकार द्वारा सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय करने के बाद लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हाल ही में केदारनाथ धाम की छवि धूमिल करने वाले कुछ वीडियो और रील्स चिन्हित किए गए थे। रुद्रप्रयाग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं, जिससे ऐसे मामलों में दर्ज मुकदमों की कुल संख्या अब तीन हो गई है। संबंधित सोशल मीडिया आईडी संचालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
भ्रामक दावों की हकीकत और प्रशासन का पक्ष
सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे वीडियो में दावा किया गया था कि केदारनाथ में पुलिस व्यवस्था का अभाव है और श्रद्धालुओं को 15-15 घंटे कतार में खड़े रहने के बावजूद बिना दर्शन के लौटाया जा रहा है। प्रशासन ने इन दावों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन करार दिया है। अधिकारियों के अनुसार, दर्शन की प्रक्रिया पूरी तरह चरणबद्ध, सुव्यवस्थित और नियमानुसार चल रही है। इन वीडियो के माध्यम से श्रद्धालुओं में अनावश्यक भय और अविश्वास पैदा करने की कोशिश की गई है।
मुख्यमंत्री धामी के सख्त निर्देश: 24×7 निगरानी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा न केवल उत्तराखंड की छवि से जुड़ी है, बल्कि यह लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 सतत निगरानी करने और अफवाह फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध तत्काल कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
जांच के घेरे में कई संदिग्ध वीडियो और कंटेंट
पुलिस प्रशासन की जांच यहीं नहीं थमी है। कई अन्य संदिग्ध वीडियो और डिजिटल कंटेंट भी वर्तमान में जांच के दायरे में हैं। सरकार ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति तकनीकी माध्यमों का दुरुपयोग कर राज्य की छवि को नुकसान पहुँचाने या श्रद्धालुओं को गुमराह करने का प्रयास करेगा, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा।
श्रद्धालुओं से अपील: आधिकारिक सूचनाओं पर करें भरोसा
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा की गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर तैर रही अपुष्ट सूचनाओं या रील के बजाय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन और सूचनाओं पर ही भरोसा करें। भ्रामक सूचनाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का यह अभियान पूरी तरह संगठित और प्रभावी रूप से जारी रहेगा।
