उत्तराखंड रजत उत्सव विशेष*
उत्तराखंड की कम कर्ज पर इंडस्ट्रीज से 44% कर रही है कमाई …6 प्रतिशत पलायन में कमी.. 99.4% घरों में बिजली ..पर्यटन, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र में जबरदस्त ग्रोथ हुई है।..26 हजार को सरकारी नौकरी
आज देश की जीडीपी में उत्तराखंड का 1.2% हिस्सा है। प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से करीब 40% ज्यादा है। 99.4% घरों में बिजली है, जबकि 2001 में सिर्फ 65% घरों तक ही बिजली पहुंची थी।
उत्तराखंड भारत का 27वां राज्य है, जो 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश के पहाड़ी और सीमान्त जिलों को मिलाकर बना। अलग राज्य की मांग की प्रमुख वजहें थीं- कम विकास, आर्थिक पिछड़ापन, सांस्कृतिक-भौगोलिक अलगाव और स्थानीय प्रतिनिधित्व की कमी।
2007 में उत्तराखंड नाम दिया गया। आज देश की जीडीपी में उत्तराखंड का 1.2% हिस्सा है। प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से करीब 40% ज्यादा है। 99.4% घरों में बिजली है, जबकि 2001 में सिर्फ 65% घरों तक ही बिजली पहुंची थी। पर्यटन, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र में जबरदस्त ग्रोथ हुई है।
पिछले 4 सालों में 26 हजार लोगों को मिली सरकारी नौकरी
*ऐसे हुई तरक्की*
*आयः 14% हिस्सा पर्यटन से आ रहा है*
राज्य की आय में इंडस्ट्री (मैन्युफैक्चरिंग, निर्माण व बिजली) की हिस्सेदारी 44%, पर्यटन की 14% और कृषि की 9% है जबकि पहले कृषि की 22%, इंडस्ट्री की 27% व पर्यटन की 8% थी।
कर्जः अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर
कुल कर्ज-जीएसडीपी अनुपात 26.5%, जबकि देश का औसत 30.7% है। यानी उत्तराखंड इसे काबू में रखने में सफल रहा।
*ट्रांसपोर्टः सड़क नेटवर्क 84% फैला*
राज्य में सड़क नेटवर्क लगभग 49,600 किमी के करीब हो गया। 2001 में यह 27 हजार किमी था। इसी दौरान यूपी का सड़क नेटवर्क 3.37 लाख किमी से 6 लाख किमी हुआ यानी 78% ही बढ़ा।
. *अमीरीः करोड़पति 15 गुना तक बढ़ गए*
2025 तक राज्य में 18-20 हजार करोड़पति हो गए, जो 2001 में 1100-1200 थे। वहीं, यूपी में 24-25 हजार हो गए, जो 2001 में 1800-2200 थे यानी 11 गुना की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
*पलायन पर लगाम..*
पलायनः पहाड़ी इलाकों में 8-9% आबादी रोजगार, शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए पलायन कर रही है। पहले यह दर करीब 13% थी
