देश के गौरव ‘हिमाद्रि आइस रिंक’ की प्रथम वर्षगांठ: सीएम धामी ने उत्तराखंड आइस हॉकी टीम की जर्सी और ‘पे व प्ले’ पोर्टल का किया विमोचन

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में हिमाद्रि आइस रिंक के पुनरुद्धार की पहली वर्षगांठ के अवसर पर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की यह आइस रिंक न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित होने के बाद यह रिंक लंबे समय तक बंद रही थी, जिसे वर्तमान सरकार ने 8.5 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्जीवित कर खिलाड़ियों को समर्पित किया है।

हरित ऊर्जा और विश्वस्तरीय आयोजनों का केंद्र

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस आइस रिंक के संचालन के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है, जो हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जीर्णोद्धार के मात्र एक वर्ष के भीतर यहाँ नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी और राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग जैसे बड़े आयोजनों के साथ-साथ राष्ट्रीय टीमों के प्रशिक्षण शिविर भी सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं। पिछले वर्ष अगस्त में भारत ने पहली बार यहीं ‘एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी’ की सफल मेजबानी की थी, जिसमें 11 देशों के एथलीटों ने हिस्सा लिया था।

‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ और खेल विश्वविद्यालय की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार खेल संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने आगामी योजनाओं की घोषणा करते हुए कहा:

  • स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान: राज्य के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इसके माध्यम से प्रतिवर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीटों और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा।

  • खेल विश्वविद्यालय: हल्द्वानी में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है।

  • सरकारी नौकरी: नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सीधे सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया गया है।

खिलाड़ियों के लिए योजनाओं का अंबार

मुख्यमंत्री ने खेल मंत्री रेखा आर्य को निर्देश दिए कि खिलाड़ियों से जुड़ी योजनाओं और प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने बताया कि आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके अतिरिक्त:

  1. मुख्यमंत्री खेल विकास निधि

  2. मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना

  3. मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना

  4. खेल किट योजना

इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को निखारने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य के युवा खिलाड़ी आगामी राष्ट्रीय खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ाएंगे।

उपस्थिति

इस ऐतिहासिक अवसर पर क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में उत्साहित खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी मौजूद रहे।

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