धामी सरकार के 5 वर्ष: उत्तरकाशी के ऐतिहासिक काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, सुख-समृद्धि की कामना

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के ‘मुख्यसेवक’ के रूप में कार्यकाल के पांच वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर सीमांत जनपद उत्तरकाशी में उत्साह का माहौल देखा गया। इस विशेष उपलब्धि के उपलक्ष्य में उत्तरकाशी स्थित प्रसिद्ध पौराणिक श्री काशी विश्वनाथ एवं शक्ति मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री के नाम से विशेष संकल्प लेकर धार्मिक अनुष्ठान और महायज्ञ का आयोजन किया गया।

महायज्ञ और रुद्राभिषेक से गूंजा मंदिर परिसर

धार्मिक अनुष्ठान के दौरान सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों का ताँता लगा रहा। मुख्य पुरोहितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का भव्य रुद्राभिषेक संपन्न हुआ। इसके साथ ही देश और प्रदेश की सुख, शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति के लिए माँ शक्ति का विशेष पाठ तथा हवन-पूजन किया गया। यज्ञशाला में आहुतियां देकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की मंगलकामना की गई।

सेवा, सुशासन और साहसिक निर्णयों के 5 साल

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री धामी के पांच साल के कार्यकाल को उत्तराखंड के विकास का “स्वर्ण काल” बताया। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री धामी की दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते राज्य ने बीते पांच वर्षों में नीतिगत और ढांचागत मोर्चे पर कई ऐतिहासिक मील के पत्थर छुए हैं।

चर्चा के दौरान धामी सरकार के इन प्रमुख ऐतिहासिक निर्णयों को विशेष रूप से याद किया गया:

  • समान नागरिक संहिता (UCC): देश में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बना, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर एक नजीर पेश की।

  • कड़ा नकलरोधी कानून: युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे सख्त और ऐतिहासिक नकल विरोधी कानून राज्य में लागू किया गया।

  • कड़े कानून और नीतियां: उत्तराखंड की जनसांख्यिकी और संस्कृति को बचाने के लिए कड़े भू-कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून को धरातल पर उतारा गया।

  • पारदर्शी भर्ती और रोजगार: भर्ती प्रणालियों को पूरी तरह पारदर्शी बनाकर हजारों युवाओं को बिना किसी भेदभाव के सरकारी सेवाओं में अवसर दिए गए।

  • सीमांत व महिला सशक्तिकरण: वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत क्षेत्रों का समग्र विकास और मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया।

विकसित उत्तराखंड का संकल्प:

“उपस्थित जनसमुदाय और कार्यकर्ताओं ने केंद्र की ‘विकसित भारत’ परिकल्पना के अनुरूप एक आत्मनिर्भर, श्रेष्ठ और अग्रणी उत्तराखंड के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।”

कार्यक्रम में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद

इस भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में क्षेत्र की कई प्रमुख राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • श्री सुरेश चौहान – माननीय विधायक, उत्तरकाशी

  • श्री रमेश चौहान – जिला पंचायत अध्यक्ष

  • श्री नागेंद्र चौहान – भाजपा जिला अध्यक्ष

  • श्री किशोर भट्ट – गढ़वाल समन्वयक

इसके साथ ही भारी संख्या में स्थानीय संगठन के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, महिला संगठनों की प्रतिनिधि और स्थानीय श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दरबार में शीश नवाकर इस मंगलकामना यात्रा के साक्षी बने।

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