नैनीताल हाईकोर्ट ने बड़कोट उत्तरकाशी नगर पालिका के चुनाव में वोटरों का नाम दो जगह दर्ज होने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य चुनाव आयोग से स्पष्ट करने को कहा है कि लिस्ट के मुताबिक शामिल करीब 2695 दोहरे वोटर्स की वोटिंग पर क्या निर्णय लिया गया है।
मामले में एसडीएम ने जांच करके अपनी रिपोर्ट राज्य चुनाव आयोग को भेज दी थी। कोर्ट ने यह रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए। मुख्य न्यायाधीश जी नरेंदर एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार बड़कोट उत्तरकाशी निवासी राम सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि बड़कोट नगर पालिका की जनसंख्या 10555 है। जिसमें से 10,321 वोटर थे। लिस्ट को बढ़ाकर करीब 1000 हजार वोटरों को यह चिन्हित किए बगैर लिस्ट में शामिल किया गया कि वे कहां के थे। जब इसकी शिकायत एसडीएम से की गई तो उन्होंने शिकायत की जांच की।
जांच में करीब 2695 वोटर ऐसे पाए गए जिनका नाम दो वोटर लिस्ट में है। जिसकी रिपोर्ट राज्य चुनाव आयोग को भेजी है लेकिन अभी तक जानकारी नहीं मिली है कि उनके नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं। कोर्ट ने रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी।
