Uttarkashi: राहत-बचाव का छठवां दिन, धराली को तीन सेक्टर में बांटा; अब तक 1303 लोगों को निकाला

Uttarkashi: राहत-बचाव का छठवां दिन, धराली को तीन सेक्टर में बांटा; अब तक 1303 लोगों को निकाला

उत्तराकाशी के धराली और हर्षिल में आपदा के बाद राहत कार्य जारी है। हेलीकॉप्टर से 1311 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। गंगोत्री हाईवे पर बैली ब्रिज का काम पूरा हो गया है। एनडीआरएफ सेना और एसडीआरएफ लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। आपदा राहत जन मंच ने लापता लोगों की सूची तैयार की है और प्रशासन के साथ साझा की है।

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संवाददाता, उत्तरकाशी। आपदा प्रभावित धराली व हर्षिल क्षेत्र में राहत एवं बचाव का काम जारी है। रविवार को आपदा के छठे दिन हेलीकाप्टर के जरिए राहत एवं बचाव का काम जारी रहा। इस दौरान कुल 185 सहित अब तक कुल 1311 लोगों को निकाला जा चुका है। बीआरओ को रविवार को बड़ी सफलता हाथ लगी। गंगोत्री हाईवे पर लिमचीगाड़ में बैली ब्रिज जोड़ने का काम पूरा हो गया।

वहीं, सैलाब के मलबे में दबे धराली को तीन सेक्टरों ए, बी व सी में बांटकर लापता लोगों की गहन रुप से तलाश की जा रही है। इस काम में एनडीआरएफ की 114 सदस्यीय टीम डाग स्क्वाइड के साथ ही सेना व एसडीआरएफ की टीम भी आधुनिक उपकरणों के साथ मदद कर रही है। इधर, गंगोत्री हार्ठवे पर लिमची गाड में वैली ब्रिज को जोड़ने का काम अंतिम चरण में है, जिससे देर शाम तक आवाजाही बहाल होने की उम्मीद है।

बीते 5 अगस्त को धराली में खीरगंगा नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद एक युवक का शव मिला है। जबकि सेना के 9 जवान सहित 19 लोग लापता बताये जा रहे थे, जिसमें आठ स्थानीय सहित बड़ी संख्या में बाहरी प्रदेशों के लोगों की आशंका है। हालांकि आपदा के चश्मदीदों के अनुसार आपदा की चपेट में आए लोगों की संख्या 100 से अधिक हो सकती है।

आपदा के बाद से ही सेना, आइटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस व अन्य राहत एवं बचाव एजेंसियां हादसे में लापता लोगों की तलाश के साथ आपदा प्रभावितों तक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हुई हैं। वहीं, गंगोत्री हाईवे जगह-जगह बाधित होने से फंसे तीर्थयात्रियों व स्थानीय लोगों को हेलीकाप्टर, चिनूक व एमआइ-17 हेलीकाप्टर से निकाला जा रहा है।

आपदा कंट्रोल रुम से मिली जानकारी के अनुसार शाम पांच बजे तक रविवार को 124 लोगों को मातली हेलीपैड व 61 को चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर लाया गया। अब तक कुल 1313 लोगों को निकाला जा चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के तीर्थयात्री शामिल हैं। वहीं, मलबे से भरे धराली को तीन सेक्टरों ए, बी व सी में बांटकर लापता लोगों की तलाश की जा रही है।

इस काम में एनडीआरएफ की 114 लोगों की टीम को जिम्मेदारी दी गयी है। सेना व एसडीआरएफ की विशेष टीम भी अत्याधुनिक उपकरणों विक्टिम लोकेटिंग कैमेरा, थर्मल इमेजिंग कैमेरा आदि के लिए लापता लोगों की तलाश में मदद कर रही हैं।

जनपद के जिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्य आपदा के चार दिन बाद मुख्यालय पहुंचे, उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्र में मूलभूत बिजली, पानी, संचार आदि सेवाओं को युद्धस्तर पर बहाल किए जाने की जानकारी दी। बताया कि जगह-जगह आपदा से क्षतिग्र्रस्त गंगोत्री हाईवे को भी बहाल कर लिया जाएगा, इस कार्य में एक-दो दिन का समय और लगने की संभावना हैं।

कुत्ते ने सूंघते अपने पंजों से की खोदाई

रविवार को मलबे में दबे एक घर के पास डाग स्क्वाड में शामिल एक कुत्ते ने कुछ सूंघते ही वहां अपने पंजों से खोदाई की, जिसके बाद यहां पर एसडीआरएफ व फायर के जवानों ने मलबे की खोदाई की। हालांकि यहां पर कोई शव या जीवित व्यक्ति बरामद नहीं हुआ।

लापता लोगों की सूची तैयार

उत्तरकाशी आपदा राहत जन मंच ने धराली आपदा के बाद लापता लोगों की सूची तैयार की थी, जिसमें से कुछ लोगों के सकुशल मिलने की सूचना है। मंच के संयोजक द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने बताया कि मंच की ओर से लापता लोगों की खोजबीन को इंटरनेट मीडिया पर बाकायदा एक फार्मेट तैयार कर साझा किया गया था, जिसमें करीब 38 लोगों के लापता होने की सूचना मिली, इसमें से 8 लोगों के मिलने की सूचना है। इस सूची को प्रशासन के अधिकारियों के साथ भी साझा किया जा रहा है।

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