सबका साथ-सबका विकास’ के साथ हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ रही है सरकार – सीएम धामी

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के नींबूवाला स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र में विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन कर लाभार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

मुस्लिम महिलाओं ने UCC के लिए जताया मुख्यमंत्री का आभार

कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में उपस्थित मुस्लिम महिलाओं ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को ‘भाई’ के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि उनके इस निर्णय से अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को नया आत्मविश्वास और सुरक्षा मिली है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अल्पसंख्यक सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र ने देश के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार की प्रमुख उपलब्धियां गिनाईं:

  • तीन तलाक: इस कुप्रथा का अंत कर महिलाओं को संवैधानिक सुरक्षा प्रदान की गई।

  • धार्मिक विकास: करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण, लंगर से कर हटाना और बौद्ध सर्किट का विकास।

  • हज प्रक्रिया: हज यात्रा को डिजिटल और पारदर्शी बनाकर इसे सुलभ बनाया गया।

  • कौशल विकास: प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक क्षेत्रों में स्कूल, आईटीआई और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना।

उत्तराखंड सरकार की प्रमुख योजनाएं और पहल

मुख्यमंत्री ने राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी दी:

1. आर्थिक सहायता और स्वरोजगार

  • अल्पसंख्यक विकास निधि: अल्पसंख्यक क्षेत्रों के विकास के लिए हर साल 4 करोड़ रुपये की धनराशि दी जा रही है।

  • अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना: स्वरोजगार के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण, जिस पर 25% की सब्सिडी उपलब्ध है।

  • मुख्यमंत्री हुनर योजना: युवाओं को हुनरमंद बनाकर सीधे रोजगार से जोड़ने का प्रयास।

2. नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून

उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू किया है। इसके मुख्य बिंदु हैं:

  • यह कानून सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, पारसी और मुस्लिम समुदायों को समान अवसर देगा।

  • सभी मदरसों और अल्पसंख्यक विद्यालयों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम भी पढ़ाया जाएगा।

  • इसका उद्देश्य बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ प्रतिस्पर्धी बनाना है।

3. वक़्फ़ संपत्तियों में पारदर्शिता

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए वक़्फ़ कानूनों में सुधार से संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी, जिससे इनका लाभ सीधे समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचेगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक दिवस पर एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि आज सोशल मीडिया एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने अल्पसंख्यकों से आह्वान किया कि वे दुनिया के विभिन्न देशों में अल्पसंख्यक समुदायों पर हो रहे अत्याचारों और भेदभाव के खिलाफ सोशल मीडिया के माध्यम से एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करें।

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