हरित क्रांति की भूमि से नवाचार का संदेश: पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र सम्मेलन में पहुंचे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम धामी

पंतनगर। देश के पहले कृषि विश्वविद्यालय, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में भव्य ‘पूर्व छात्र सम्मेलन’ (Alumni Meet) का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम में देश के केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इस विशेष सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पुराने छात्रों (Alumni), देश-विदेश से जुटे कृषि वैज्ञानिकों, संकाय सदस्यों और वर्तमान छात्र-छात्राओं की भारी मौजूदगी रही, जिससे पूरा परिसर पुरानी यादों और नए संकल्पों के उत्साह से सराबोर हो उठा।

कृषि क्षेत्र में बढ़ाएं अनुसंधान और नवाचार: सीएम धामी

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के विकास में कृषि क्षेत्र और युवाओं की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने युवाओं और शोधकर्ताओं से आगे आने की अपील की।

मुख्यमंत्री का आह्वान: “आज का युग तकनीक और बदलाव का है। हमारे युवा वैज्ञानिकों और छात्रों को कृषि के क्षेत्र में अत्याधुनिक अनुसंधान (Research) और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देना होगा। पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों का समन्वय ही हमारे किसानों की आर्थिकी को मजबूत कर सकता है।”

मुख्यमंत्री ने पंतनगर विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि देश में ‘हरित क्रांति’ की नींव रखने वाले इस संस्थान की उपलब्धियों पर पूरे देश को गर्व है। उन्होंने कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यों की जमकर सराहना की।

देश-दुनिया से जुटे दिग्गज कृषि वैज्ञानिक और पुरातन छात्र

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के गौरवशाली अतीत को उसके ऊर्जावान वर्तमान से जोड़ना था। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण और उपस्थित लोग इस प्रकार रहे:

  • पुरातन छात्र (Alumni): देश और दुनिया के कोने-कोने में कृषि, प्रशासन और उद्योग जगत में शीर्ष पदों पर काम कर रहे पूर्व छात्रों ने अपनी सफलता की कहानियों और अनुभवों को साझा किया।

  • कृषि वैज्ञानिक और शिक्षक: कृषि क्षेत्र की समसामयिक चुनौतियों, जैसे जलवायु परिवर्तन और उत्पादकता बढ़ाने पर चर्चा की गई।

  • युवा छात्र-छात्राएं: वर्तमान बैच के छात्रों को अपने सीनियर दिग्गजों से सीधे संवाद करने और करियर के नए आयामों को समझने का मौका मिला।

यह सम्मेलन न केवल पुरानी यादों को ताजा करने का माध्यम बना, बल्कि इसके जरिए भारत को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और वैश्विक लीडर बनाने के लिए एक नया रोडमैप तैयार करने पर भी गंभीर मंथन हुआ।

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