चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं के अनुभव को सुखद बनाने के लिए मुख्य सचिव ने दिए कड़े निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण और बदरीनाथ मास्टर प्लान की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का मुख्य फोकस आगामी चारधाम यात्रा को और अधिक सुगम, व्यवस्थित और तकनीक-आधारित बनाना रहा। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य केवल यात्रा संचालित करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को एक ‘सुखद अनुभव’ प्रदान करना है।

दर्शन के लिए ‘स्मार्ट’ टोकन सिस्टम और डिस्प्ले बोर्ड

यात्रा के दौरान होने वाली भीड़ और लंबी कतारों के समाधान के लिए मुख्य सचिव ने अनिवार्य टोकन व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • मंदिरों में दर्शन के लिए टोकन देते समय श्रद्धालुओं को संभावित समय (Waiting Time) की जानकारी दी जाए।

  • जगह-जगह डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएं, जिससे श्रद्धालुओं को पता चल सके कि अभी किस नंबर का दर्शन चल रहा है।

  • इससे श्रद्धालुओं को लंबी लाइनों में खड़े रहने के बजाय आराम करने या अन्य गतिविधियों के लिए समय मिल सकेगा।

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं

मुख्य सचिव ने संवेदनशील रुख अपनाते हुए चलने में अक्षम और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बढ़ाने के निर्देश दिए। यात्रा मार्गों पर अब Wheelchairs, Golf Carts और All-Terrain Vehicles (ATV) की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि हर भक्त सुगमता से बाबा के दर्शन कर सके।

डिजिटल सूचना और सर्टिफाइड गाइड

पर्यटकों की सुविधा के लिए सूचना तंत्र को आधुनिक बनाने पर भी चर्चा हुई:

  • QR Code और Signage: यात्रा मार्ग पर जगह-जगह क्यूआर कोड आधारित सूचना पटल लगाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालु अपने फोन पर ही जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

  • प्रशिक्षित गाइड: प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों के लिए पर्यटन विभाग एक कार्ययोजना तैयार करेगा, जिसके तहत सर्टिफाइड गाइडउपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

केदारनाथ रोपवे और भविष्य की तैयारियां

मुख्य सचिव ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ रोपवे शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी।

  • क्षेत्र विस्तार: केदारनाथ मंदिर परिसर के विस्तार की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए गए।

  • पार्किंग सुविधा: गौरीकुंड और सोनप्रयाग में बढ़ते दबाव को देखते हुए पार्किंग और अन्य जनसुविधाओं के लिए भूमि विस्तार की योजना बनाने को कहा गया है।

बैठक में उपस्थिति: इस उच्चस्तरीय बैठक में सचिव डॉ. वी. षणमुगम, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग श्री प्रतीक जैन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी चमोली श्री गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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