देहरादून: प्रदेश के समग्र विकास और सुशासन के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट ने बुधवार को कई दूरगामी निर्णय लिए। इन निर्णयों में सड़क सुधार, न्यायिक सुधार, शिक्षा और स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
1. स्वरोजगार और पूर्व सैनिकों को तोहफा: ‘उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना 2026’
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के पूरक के रूप में ‘उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना 2026’ को मंजूरी दी है। इसके तहत:
-
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के कुल लक्ष्य का 10 प्रतिशत पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होगा।
-
यदि पति-पत्नी दोनों पूर्व सैनिक/अग्निवीर हैं, तो दोनों को लाभ मिलेगा।
-
अतिरिक्त सब्सिडी: सामान्य सब्सिडी के अलावा 5% अतिरिक्त लाभ मिलेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम 30% और मैदानी क्षेत्रों में 25% तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
2. कृषि और खाद्य आपूर्ति: किसानों को मिलेगा उचित मूल्य
रवि विपणन सत्र 2026-27 के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य 2.2 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। भारत सरकार द्वारा घोषित 2585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ किसानों को दिया जाएगा। साथ ही, मण्डी शुल्क को 2% तक सीमित रखने का निर्णय लिया गया है।
3. गृह एवं पुलिस विभाग: भर्ती नियमों में राहत और आधुनिक प्रशिक्षण
-
भर्ती नियमों में रियायत: पुलिस, पीएससी और अग्निशमन जैसे वर्दीधारी पदों की सीधी भर्ती के लिए वर्ष 2023 की एकीकृत नियमावली के स्थान पर अगले 3 वर्ष तक पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। इससे आयु सीमा और ऊंचाई के मानकों में बदलाव से प्रभावित होने वाले युवाओं को राहत मिलेगी।
-
डिजिटल प्रशिक्षण: भारतीय न्याय संहिता के तहत पुलिस कर्मियों को डिजिटल अंवेषण की ट्रेनिंग देने के लिए ‘नाइलिट’ (NIELIT) के विशेषज्ञों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई।
-
संपत्ति वसूली कानून: उत्तराखंड लोक और निजी संपत्ति वसूली अधिनियम 2025 की नियमावली बनाने हेतु परामर्शी विभागों से समन्वय की अनुमति मिली।
4. बुनियादी ढांचा और ऊर्जा क्षेत्र
-
पुल सुधार परियोजना: एडीबी (ADB) समर्थित पुल सुधार परियोजना के तहत 1 करोड़ रुपये से अधिक के टेंडर को अनुमोदन दिया गया, जिससे राज्य के पुलों की स्थिति सुधरेगी।
-
पीएम सूर्य घर योजना: 31 मार्च 2025 तक जिन उपभोक्ताओं के सोलर प्लांट लग चुके हैं, उन्हें राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ जारी रहेगा।
5. कार्मिक एवं न्यायिक सुधार
-
सॉफ्ट लोन: न्यायिक अधिकारियों को वाहन खरीदने के लिए 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन मिलेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों पर मात्र 4% और अन्य वाहनों पर 5% ब्याज देना होगा।
-
पदोन्नति में राहत: वन विभाग में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के लिए अनिवार्य सेवा अवधि 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष कर दी गई है।
-
होमगार्ड्स प्रमोशन: होमगार्ड्स विभाग में कमांडेंट पद की नियमावली को मंजूरी मिलने से लंबे समय से रुके प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है।
6. शिक्षा और नियोजन में बदलाव
-
सेतु आयोग (SETU): राज्य योजना आयोग के स्थान पर अब ‘सेतु आयोग’ का गठन होगा। इसके संगठनात्मक ढांचे और कार्यक्षेत्र को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है।
-
एडेड स्कूल शिक्षक: एडेड स्कूल बनने से पूर्व की सेवाओं को प्रोन्नति के लिए मान्य करने हेतु एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया गया है।
-
उच्च शिक्षा: स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के परिनियम के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई।
7. विधायी कार्य
कैबिनेट ने उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के सत्र 2026 का विधिवत सत्रावसान करने का भी अनुमोदन किया।
कैबिनेट के ये निर्णय दर्शाते हैं कि सरकार जहाँ एक ओर तकनीक और आधुनिक न्याय व्यवस्था पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर पूर्व सैनिकों और युवाओं के लिए भविष्य के द्वार भी खोल रही है। ‘वीर उद्यमी योजना’ और पुलिस भर्ती में आयु सीमा की राहत जैसे कदम सीधे तौर पर प्रदेश के युवाओं के हित में हैं।
