देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए ‘मिशन मोड’ में कार्य कर रही है। हाल ही में आयोजित कैबिनेट बैठक और विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार की प्राथमिकता केवल नीति निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं का लाभ धरातल पर अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।
ग्राउंड जीरो पर होगी योजनाओं की समीक्षा: मंत्रियों को जनपद भ्रमण के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट के बाद सभी मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से जनपदों का भ्रमण करें। विकास योजनाओं का केवल कागजी आकलन न होकर स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि स्थानीय प्रशासन और जनता से सीधा संवाद स्थापित करने से न केवल योजनाओं की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि जन-समस्याओं का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने निर्माण से जुड़े विभागों—सड़क, बिजली, पानी और सिंचाई—के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया है ताकि विकास परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
कैबिनेट के ऐतिहासिक निर्णय: युवाओं, पूर्व सैनिकों और किसानों को बड़ी सौगात
हालिया कैबिनेट बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है:
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वीर उद्यमी योजना 2026: मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 10% लक्ष्य पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित किया गया है। इसमें पर्वतीय क्षेत्रों के लिए 30% तक की भारी सब्सिडी का प्रावधान है।
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किसानों को MSP का लाभ: रबी सत्र 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित कर 2.2 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
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पुलिस भर्ती में राहत: वर्दीधारी पदों (सिपाही और दरोगा) के लिए वर्ष 2023 की नियमावली के बजाय अगले 3 वर्षों तक पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी, जिससे आयु और ऊंचाई मानकों में युवाओं को राहत मिलेगी।
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सेतु आयोग का गठन: राज्य योजना आयोग का स्थान अब ‘सेतु आयोग’ लेगा, जो राज्य के नियोजन और संगठनात्मक ढांचे को नई दिशा देगा।
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न्यायिक और प्रशासनिक सुधार: न्यायिक अधिकारियों को वाहनों के लिए कम ब्याज दर पर सॉफ्ट लोन और वन विभाग के कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए सेवा अवधि 25 से घटाकर 22 वर्ष की गई है।
जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित ‘राज्य जनजातीय महोत्सव 2026’ में मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज को भारतीय संस्कृति का सशक्त आधार बताया। इस अवसर पर उन्होंने:
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थारू लोक गायिका स्वर्गीय रिंकू देवी राणा और श्री दर्शन लाल को ‘आदि गौरव सम्मान’ से नवाजा।
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‘वन क्लिक’ के माध्यम से 9 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में 142 करोड़ रुपये से अधिक की पेंशन हस्तांतरित की।
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जनजातीय युवाओं के लिए देहरादून में ‘आदि लक्ष्य संस्थान’ की स्थापना की घोषणा की, जहाँ UPSC और PCS जैसी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी।
खेल और फिट इंडिया मूवमेंट को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में क्रिकेट खेलकर युवाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘खेलो इंडिया’ अभियान के तहत राज्य सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलों से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि युवाओं में टीमवर्क और नेतृत्व जैसे गुण भी विकसित होते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ये कदम दर्शाते हैं कि उत्तराखंड सरकार ‘प्रो-एक्टिव गवर्नेंस’ की दिशा में बढ़ रही है। पूर्व अग्निवीरों के लिए ‘वीर उद्यमी योजना’ से लेकर जनजातीय समाज के डिजिटल सशक्तिकरण तक, हर फैसला राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रहा है।
