उत्तराखंड की त्रिशक्ति—देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश—को भविष्य की वैश्विक जरूरतों के अनुरूप ढालने के लिए धामी सरकार ने एक महायोजना तैयार की है। ‘कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP)-2024’ के माध्यम से न केवल यातायात की चुनौतियों का समाधान किया जाएगा, बल्कि इन शहरों को आधुनिक और स्मार्ट कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।
देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन ‘सशक्त उत्तराखंड’ को धरातल पर उतारने के लिए शासन स्तर पर कवायद तेज हो गई है। राज्य के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक, पर्यटन और प्रशासनिक केंद्रों (देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश) में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ‘कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP)-2024’ पर सचिवालय में एक उच्चस्तरीय मंथन हुआ। आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भविष्य की परिवहन जरूरतों का रोडमैप साझा किया गया।
एकीकृत परिवहन प्रणाली: मास्टर प्लान का हिस्सा बनेगा CMP
बैठक के दौरान आवास सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि CMP-2024 के सभी प्रस्तावों को संबंधित शहरों के मास्टर प्लान में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में शहरी विकास की जितनी भी योजनाएं बनें, उनमें एकीकृत परिवहन प्रणाली (Integrated Transport System) की अवधारणा केंद्र में होनी चाहिए। इससे न केवल शहरों का विस्तार सुव्यवस्थित होगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन अधिक प्रभावी और जनता के लिए सुलभ बनेगा।
73 किमी लंबा ई-बीआरटीएस कॉरिडोर: यातायात में आएगी गति
योजना के तहत देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच लगभग 73 किलोमीटर लंबी ई-बीआरटीएस (Electric Bus Rapid Transit System) प्रणाली विकसित करने का महत्वाकांक्षी प्रस्ताव है। यह कॉरिडोर इन तीनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी को तेज और प्रदूषण मुक्त बनाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सिस्टम के लागू होने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और मुख्य मार्गों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।
हरिद्वार में ‘पर्सनल रैपिड ट्रांजिट’ (PRT): धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई दिशा
धार्मिक नगरी हरिद्वार की विशिष्ट भौगोलिक और सांस्कृतिक स्थिति को देखते हुए वहां पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है। यह अत्याधुनिक पॉड टैक्सी सिस्टम विशेष रूप से तीर्थयात्रियों के लिए वरदान साबित होगा। इसके साथ ही ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के माध्यम से स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों का समेकित विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और बड़े आयोजनों की तैयारी
CMP-2024 में केवल बुनियादी ढांचे पर ही नहीं, बल्कि तकनीक पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। योजना के अंतर्गत निम्नलिखित प्रणालियों पर जोर दिया गया है:
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ITS (Intelligent Traffic System): स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और आधुनिक सिग्नलिंग।
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पार्किंग प्रबंधन: भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या का वैज्ञानिक समाधान।
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बाईपास और कनेक्टिविटी: शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करने के लिए नई सड़कों का निर्माण।
यह योजना कुंभ और कांवड़ मेला जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ नियंत्रण और सुगम यातायात प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
विशेषज्ञों और अधिकारियों का साझा प्रयास
बैठक में मेसर्स यूएमटीसी द्वारा देहरादून (शहर, विकासनगर, ऋषिकेश) और हरिद्वार (शहर, रुड़की, भगवानपुर) क्षेत्रों की मौजूदा चुनौतियों और उनके समाधान का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस दौरान उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक श्री बृजेश कुमार मिश्रा सहित वित्त और सिविल विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने योजना के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं पर अपनी सहमति व्यक्त की।
