भगवान बदरी विशाल के कपाट खुले: वैदिक मंत्रोच्चार और जयघोष के साथ शुरू हुई चारधाम यात्रा

चमोली, 23 अप्रैल 2026: भू-बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए हैं। कपाट खुलते ही पूरी बदरीश पुरी “जय बदरी विशाल” के नारों से गुंजायमान हो उठी। इस पावन अवसर पर लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया, जिससे धाम में आस्था और उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

प्रधानमंत्री के नाम पहली महाभिषेक पूजा और लोक-कल्याण की कामना

परंपरा के अनुसार, कपाट खुलने के बाद भगवान बदरी विशाल की पहली महाभिषेक पूजा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पूजा में सम्मिलित होकर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने मुख्य मंदिर के साथ-साथ परिसर में स्थित माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी के भी दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की।

श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत और व्यवस्थाओं का फीडबैक

मुख्यमंत्री ने धाम पहुंचे देश-विदेश के तीर्थयात्रियों का स्वयं स्वागत किया और उनसे यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए डिजिटल मॉनिटरिंग से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।


लोक संस्कृति की छटा: पारंपरिक जागरों और नृत्य से महका धाम

कपाट खुलने का उत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। माणा और बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों और झुमैलो नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थानीय लोक संस्कृति और भक्ति के इस संगम ने उद्घाटन समारोह को और भी दिव्य बना दिया।

भंडारे का शुभारंभ और स्वच्छता का संदेश

मुख्यमंत्री ने ‘मानव सेवा ईश्वर सेवा उत्थान समिति’ द्वारा आयोजित विशाल भंडारे का शुभारंभ किया और स्वयं श्रद्धालुओं के साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से “हरित एवं स्वच्छ चारधाम यात्रा” का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण की अपील की। उन्होंने कहा कि हिमालय की पवित्रता बनाए रखना प्रत्येक तीर्थयात्री की जिम्मेदारी है।

प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस ऐतिहासिक अवसर पर जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, बीकेटीसी के सीईओ विशाल मिश्रा सहित रावल अमरनाथ नंबूदरी और अन्य धर्माधिकारी उपस्थित रहे। मंदिर को क्विंटलों फूलों से सजाया गया था और कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं पर हुई पुष्प वर्षा ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।


“बदरीनाथ धाम की पवित्रता और यहां की परंपराएं हमारे अस्तित्व का आधार हैं। हम एक सुरक्षित और दिव्य यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध हैं।”मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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