‘भारत जोड़ो यात्रा’ बनाम 99 चुनावी हार: क्या राहुल गांधी लगाएंगे हार का ‘शतक’?

नई दिल्ली, 4 मई 2026: चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव नतीजों ने देश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। जहाँ एक तरफ भाजपा अपनी जीत का जश्न मना रही है, वहीं दूसरी तरफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के राजनीतिक करियर पर सवाल उठने लगे हैं। ‘इंफो इन डाटा’ (Info In Data) द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के मुताबिक, राहुल गांधी के दो दशकों के राजनीतिक करियर में अब तक कुल 99 चुनावी हार दर्ज हो चुकी हैं। अब वह हार के ‘शतक’ से महज एक कदम दूर खड़े हैं।

भारत जोड़ो यात्रा और उम्मीदों का टूटना

राहुल गांधी ने सितंबर 2022 में कन्याकुमारी से कश्मीर तक ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की शुरुआत की थी। कांग्रेस पार्टी का दावा था कि यह यात्रा देश में मोहब्बत की दुकान खोलने और संविधान को बचाने के लिए है। इस यात्रा को राहुल गांधी की छवि बदलने वाले एक मास्टरस्ट्रोक के रूप में पेश किया गया था।

हालांकि, चुनावी आंकड़ों की हकीकत कुछ और ही बयां करती है। यात्रा के बाद जिन राज्यों में चुनाव हुए, वहां कांग्रेस को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। हैरानी की बात यह है कि जिन रास्तों से यह यात्रा गुजरी, वहां भी मतदाता कांग्रेस के पक्ष में नहीं दिखे। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सीटें जरूर बढ़ीं, लेकिन सत्ता से उनकी दूरी कम नहीं हुई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार एनडीए सरकार का गठन हुआ।

राज्यों में चुनावी पराजय का सिलसिला

पिछले दो दशकों में राहुल गांधी के नेतृत्व या मुख्य भूमिका के दौरान देश के लगभग हर हिस्से में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। ‘इंफो इन डाटा’ के पोस्टर में उन राज्यों को चिन्हित किया गया है जहाँ कांग्रेस को विभिन्न विधानसभा चुनावों में हार झेलनी पड़ी।

क्षेत्र चुनावी हार के प्रमुख वर्ष
उत्तर भारत जम्मू-कश्मीर (2014), हरियाणा (2014, 19, 24), दिल्ली (2013, 15, 20, 25), उत्तराखंड (2007, 17, 22)
पश्चिम भारत गुजरात (2007, 12, 17, 22), महाराष्ट्र (2014, 19, 24), गोवा (2012, 17, 22)
मध्य भारत मध्य प्रदेश (2008, 13, 18, 23), छत्तीसगढ़ (2008, 13, 23), राजस्थान (2013, 23)
दक्षिण भारत केरल (2006, 16, 21), तमिलनाडु (2011, 16, 26), आंध्र प्रदेश (2014, 19, 24), तेलंगाना (2014, 18)
पूर्व/पूर्वोत्तर पश्चिम बंगाल (2006, 16, 21, 26), असम (2016, 21, 26), त्रिपुरा (2008, 13, 18, 23), ओडिशा (2004, 09, 14, 19, 24)

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर राहुल गांधी के इन 99 हारों का पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है। इंफो इन डाटा ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि भले ही कुछ राज्यों के अंतिम परिणामों का इंतजार है, लेकिन राहुल गांधी के लिए यह पक्की हार है, जो उन्हें 99 के आंकड़े तक ले आई है। इस पोस्टर में 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों का भी विशेष उल्लेख है, जिसमें कांग्रेस भाजपा के मुकाबले काफी पीछे रही।

आगे की राह और चुनौतियां

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने भले ही राहुल गांधी की व्यक्तिगत लोकप्रियता में इजाफा किया हो, लेकिन वह इसे वोटों और जीत में तब्दील करने में विफल रहे हैं। चुनावी हार का यह ’99’ का आंकड़ा कांग्रेस के भीतर और बाहर राहुल गांधी के नेतृत्व की क्षमता पर दोबारा विचार करने को मजबूर करता है।

अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आगामी चुनावों में कांग्रेस कोई बड़ा बदलाव कर पाएगी या राहुल गांधी हार के इस अनचाहे शतक को पूरा करेंगे।

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