अभिषेक बनर्जी पर हमले से गरमाई राजनीति; खड़गे और अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

सोनारपुर, 30 मई। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के सोनारपुर दौरे के दौरान उन पर हुए हमले के बाद देश का राजनीतिक पारा गरमा गया है। इस घटना को लेकर टीएमसी सहित कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई है। हमले के वक्त सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की और अभिषेक बनर्जी को हेलमेट पहनाकर सुरक्षा घेरे में लेते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

टीएमसी का तीखा हमला: “भाजपा शासन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त”

इस घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा की राजनीति का असली चेहरा आज देश के सामने बेनकाब हो गया है। पार्टी ने अपने बयान में कहा:

“हमारे राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुआ यह हमला साफ तौर पर दिखाता है कि इस बेशर्म शासन के तहत कानून-व्यवस्था कितनी तेजी से बिगड़ी है। अगर विपक्ष के एक मौजूदा सांसद को दिन-दहाड़े इस तरह निशाना बनाया जा सकता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या उम्मीद बाकी रह जाती है? क्या भाजपा के लिए लोकतंत्र का यही मतलब है और क्या यही वह सुशासन है जिसके कसीदे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पढ़ते नहीं थकते?”

टीएमसी ने आगे कहा कि हिंसा, डराना-धमकाना और राजनीतिक गुंडागर्दी ही अब भाजपा शासन की असली पहचान बन चुके हैं। जो लोग भी इस हमले के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें आज भले ही राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ हो, लेकिन वे हमेशा के लिए जवाबदेही से बच नहीं सकते। बंगाल, भारत और पूरी दुनिया भाजपा के इस कृत्य को देख रही है।

अखिलेश यादव का आरोप: “पुलिस व्यवस्था का न होना एक बड़ी साजिश”

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए इस घटना की घोर निंदा की। उन्होंने लिखा कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के ऊपर जानलेवा हमला करवाकर बंगाल की अराजक भाजपा सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह नफरत भरी, नकारात्मक और हिंसक राजनीति के सिवा और कुछ नहीं कर सकती है। अखिलेश यादव ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने संवेदनशील वातावरण में भी पर्याप्त पुलिस की व्यवस्था न होना एक बड़ी राजनीतिक साजिश की ओर इशारा करता है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने की निंदा: “विपक्षी नेताओं को सुरक्षा न देना बदले की राजनीति”

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए सोनारपुर में सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए इस चौंकाने वाले हमले की कड़ी शब्दों में आलोचना की। उन्होंने बताया कि अभिषेक बनर्जी राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने के लिए वहां गए थे। खड़गे ने कहा कि एक प्रमुख विपक्षी नेता को जानबूझकर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा न देना भाजपा की बदले की राजनीति और विपक्ष के उत्पीड़न की मानसिकता को साफ तौर पर उजागर करता है। उन्होंने मांग की कि पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार को मिलकर सभी विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और ऐसे हिंसक हमलों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए, क्योंकि राजनीतिक मतभेद किसी भी परिस्थिति में हिंसा को सही नहीं ठहरा सकते।

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