मालवीय नगर अग्निकांड: बेगुनाह को न्याय दिलाने के लिए आगे आए सीएम धामी, दिल्ली की मुख्यमंत्री से की बात

नई दिल्ली/देहरादून: दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए भीषण होटल अग्निकांड के बाद अब इस मामले ने राजनीतिक और कानूनी तूल पकड़ लिया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए होटल के कुक केशव नेगी (65) का पक्ष लेते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सीधे बात की है। केशव नेगी मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दिल्ली की सीएम ने उन्हें इस बात का पूर्ण भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच पूरी तरह से तथ्यों और सबूतों के आधार पर की जाएगी और किसी भी बेगुनाह व्यक्ति के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

हादसे की भयावहता और शुरुआती कार्रवाई

गौरतलब है कि बीती 3 जून को मालवीय नगर स्थित एक होटल में अचानक बेहद भीषण आग लग गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 13 विदेशी नागरिकों समेत कुल 21 लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि दर्जनों अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। इस दिल दहला देने वाली घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया और कार्रवाई करते हुए सबसे पहले प्रॉपर्टी के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद, शनिवार को जांच अधिकारियों ने होटल के कुक केशव नेगी को भी हिरासत में ले लिया। जांच टीम का दावा है कि आग कथित तौर पर रसोई में केशव की लापरवाही के कारण भड़की थी।

प्रवासी नागरिकों के साथ खड़ी है उत्तराखंड सरकार

कुक केशव नेगी की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उत्तराखंड सरकार उनके परिवार की मदद के लिए आगे आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न सिर्फ दिल्ली सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की, बल्कि उन्होंने केशव नेगी की बेटी कनिष्का नेगी से भी फोन पर बात की। सीएम धामी ने कनिष्का को ढांढस बंधाया और संकट की इस घड़ी में हर मुमकिन कानूनी और प्रशासनिक मदद देने का भरोसा दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी सरकार देश के किसी भी कोने में रहने वाले उत्तराखंड के प्रवासी भाई-बहनों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

सांसदों ने भी की दिल्ली पुलिस से मुलाकात

इस मामले में उत्तराखंड के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी अपनी आवाज बुलंद की है। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी भी कुक केशव नेगी के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। दोनों सांसदों ने संयुक्त रूप से दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से मुलाकात की और इस पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी व निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने नेगी के परिवार को आश्वस्त किया है कि उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि किसी गरीब और बेकसूर को मोहरा न बनाया जा सके।

जांच में सामने आईं होटल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही

जैसे-जैसे इस मामले की जांच आगे बढ़ रही है, होटल प्रबंधन की काली करतूतें और नियमों की धज्जियां उड़ाने की बातें सामने आ रही हैं। आधिकारिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि उक्त होटल के पास प्रशासन की तरफ से केवल 6 कमरे संचालित करने की अनुमति (परमिशन) थी, लेकिन मुनाफाखोरी के चक्कर में वहां नियमों के विरुद्ध 20 से अधिक कमरों का अवैध रूप से संचालन किया जा रहा था। इससे भी गंभीर बात यह है कि यह होटल पिछले 7 से 8 सालों से दिल्ली फायर सर्विसेज से बिना किसी अनिवार्य नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) यानी अग्निशमन विभाग की मंजूरी के धड़ल्ले से चल रहा था। फिलहाल इस बेहद संवेदनशील और दुखद हादसे की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं और पुलिस आगे की तफ्तीश में जुटी है।

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