चम्पावत। उत्तराखण्ड को आत्मनिर्भर, समर्थ और विकसित बनाने की दिशा में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में प्रतिभाग किया और सीमांत क्षेत्र के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कई अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सौगातें दीं।
उत्तराखण्ड सूचना एवं लोक संपर्क विभाग (DIPR) द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चम्पावत और आसपास के सीमांत जिलों के लिए यह आयोजन मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
₹6 करोड़ की अत्याधुनिक MRI मशीन का हुआ लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत आई.सी.आई.सी.आई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के सहयोग से लगभग ₹6 करोड़ की लागत से स्थापित अत्याधुनिक एम.आर.आई (MRI) मशीन का विधिवत लोकार्पण किया।
हल्द्वानी दौड़ने की मजबूरी से मिलेगी मुक्ति
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पुरानी कठिनाइयों का अंत: पहले चम्पावत सहित आसपास के सीमांत क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को एमआरआई जैसी जटिल जांचों के लिए हल्द्वानी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।
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समय और धन की बचत: बड़े शहरों की दौड़ लगाने से गंभीर रोगियों और उनके परिजनों को भारी समय, धन और मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ता था, जिससे अब राहत मिलेगी।
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इन गंभीर बीमारियों की होगी जांच: अब स्थानीय स्तर पर ही मस्तिष्क, रीढ़, नसों, जोड़ों, कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की उच्च स्तरीय जांच सुलभ होगी。इससे समय पर सटीक जांच और उपचार सुनिश्चित होने के साथ ही कई बहुमूल्य जीवनों को बचाया जा सकेगा।
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विस्तृत लाभ क्षेत्र: इस अनुपम सुविधा का लाभ न केवल चम्पावत, बल्कि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल तथा इसके आसपास के सभी सीमांत क्षेत्रों के लाखों नागरिकों को प्राप्त होगा।
चम्पावत में बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से विस्तार
जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है:
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जिला चिकित्सालय का आधुनिकरण: जिला चिकित्सालय में ही लगभग ₹11.71 करोड़ की लागत से लोअर ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग, प्रथम एवं द्वितीय तल पर अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक विंग तथा आधुनिक ऑपरेशन थिएटर का निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है।
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अमोड़ी PHC का निर्माण: अमोड़ी में ₹2.18 करोड़ की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है, जिससे स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं।
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नर्सिंग संस्थान में आधुनिक छात्रावास: राज्य में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान में ₹470.05 लाख (₹4.70 करोड़) की लागत से 129 बेड वाले आधुनिक छात्रावास का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
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नया पैरामेडिकल कॉलेज: जनपद चम्पावत में एक नए पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना की आवश्यक कार्यवाही भी तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे और राज्य को दक्ष मानव संसाधन प्राप्त होगा।
“आर्थिक अभाव उपचार में बाधा नहीं बनेगा” — सीएम धामी
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक तंगी के कारण कभी भी किसी परिवार के उपचार में कोई बाधा न आए। आज आयुष्मान भारत योजना और अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों परिवारों को पूरी तरह से निःशुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है।
अंत्योदय सोच का परिणाम: “चम्पावत में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में दिख रहा यह युगांतकारी परिवर्तन हमारी उस अंत्योदय सोच का परिणाम है, जिसके केंद्र में आम नागरिक का जीवन, उसका स्वास्थ्य और हमारी सरकार पर उसका अटूट विश्वास निहित है।” — श्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
