देहरादून। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की देहरादून शाखा द्वारा चकराता रोड स्थित एक स्थानीय होटल में नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े तमाम लोगों को डॉक्टर्स डे की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले चिकित्सकों को सम्मानित भी किया।
डॉ. बिधान चंद्र रॉय को श्रद्धांजलि और पर्वतीय क्षेत्र के डॉक्टरों का आभार
मुख्यमंत्री ने भारत रत्न डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. रॉय का जीवन चिकित्सा सेवा, मानव कल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति पूर्ण समर्पण की एक महान प्रेरणा है। भारतीय संस्कृति में चिकित्सकों को हमेशा से ही एक विशेष और पूजनीय स्थान दिया गया है, क्योंकि वे अपनी सेवा, संवेदना और समर्पण से मानवता की सबसे बड़ी रक्षा करते हैं।
देवभूमि उत्तराखण्ड की विषम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच भी हमारे चिकित्सक जिस निष्ठा से जनसेवा कर रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। वे पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती के सबसे महत्वपूर्ण आधार स्तंभ हैं।
संकट के दौर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्य योद्धाओं के अभूतपूर्व योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उस वैश्विक महामारी के समय सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने अपने जीवन की परवाह न करते हुए कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी। अनेक चिकित्सकों ने मानव जीवन की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान तक दे दिया, जिनका यह त्याग और सेवा भाव समाज के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा।
आयुष्मान भारत और स्वास्थ्य ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश और प्रदेश के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार अभूतपूर्व विस्तार किया जा रहा है। उत्तराखण्ड में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लाखों जरूरतमंद परिवारों को कैशलेस उपचार की बेहतरीन सुविधा मिल रही है। प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिसके तहत लगभग 12 लाख से अधिक मरीजों को ₹2,300 करोड़ से अधिक का पूरी तरह से निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया है।
राज्य के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के भीतर पांच सरकारी मेडिकल कॉलेज पूरी तरह संचालित हैं, जबकि दो नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। इसके साथ ही नर्सिंग शिक्षा को भी नए सिरे से सुदृढ़ किया जा रहा है।
देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को उच्च स्तरीय राहत देने के लिए सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को बढ़ाया जा रहा है। कुमाऊं क्षेत्र के लिए हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिकतम जीवनरक्षक उपकरणों से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा, ऊधमसिंह नगर के किच्छा में बनने वाले एम्स के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य भी अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
पर्वतीय और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए टेलीमेडिसिन सेवाओं का दायरा बढ़ाया गया है, और आपातकालीन परिस्थितियों में संचालित हो रही हेली एंबुलेंस सेवा लोगों के लिए संकट के समय जीवनरक्षक साबित हो रही है।
डॉक्टरों की सुरक्षा और तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाओं का संतुलन
सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की रिक्तियों को भरने के लिए नियुक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि चिकित्सकों की सुरक्षा, उनका सम्मान और उनके लिए एक सुरक्षित व बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। चिकित्सालयों में किसी भी चिकित्सक या स्वास्थ्य कर्मी के साथ हिंसा, दुर्व्यवहार या अभद्र आचरण को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनन सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बदलते दौर का जिक्र करते हुए कहा कि आज आधुनिक तकनीक जैसे डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेलीमेडिसिन ने स्वास्थ्य सेवाओं में कई नए और क्रांतिकारी अवसर पैदा किए हैं, लेकिन इसके बावजूद किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत उसका समर्पित मानव संसाधन यानी हमारे डॉक्टर ही होते हैं।
मुख्यमंत्री का वक्तव्य: “एक बीमार मरीज के लिए चिकित्सक केवल उपचार करने वाला नहीं, बल्कि विश्वास और मानवीय संवेदना का साक्षात प्रतीक होता है। राज्य सरकार, चिकित्सा संस्थानों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और समाज के सामूहिक प्रयासों से उत्तराखण्ड की स्वास्थ्य व्यवस्था को देश में सबसे अग्रणी और मजबूत बनाया जा सकता है।”
इस गरिमामयी अवसर पर स्थानीय विधायक श्रीमती सविता कपूर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के तमाम प्रांतीय व स्थानीय पदाधिकारी, चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ डॉक्टर, स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी एवं शहर के अन्य गणमान्य नागरिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
