देहरादून:
राजधानी देहरादून के नंदा की चौकी क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हुई पुल की एप्रोच रोड को धामी सरकार ने रिकॉर्ड समय में दुरुस्त कर दिया है। मंगलवार सुबह हुए इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों पर लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर काम करते हुए मात्र 12 घंटे के भीतर आवागमन पूरी तरह बहाल कर दिया।
सुबह क्षतिग्रस्त हुई थी एप्रोच रोड, सीएम ने तुरंत संभाला मोर्चा
मंगलवार सुबह लगभग 6:30 बजे भारी बारिश के चलते नंदा की चौकी स्थित पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को मौके पर राहत एवं मरम्मत कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD), जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने त्वरित समन्वय के साथ अभियान चलाया और शाम तक मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित रूप से खोल दिया। मार्ग खुलते ही स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को बड़ी राहत मिली तथा एम्बुलेंस सहित आवश्यक सेवाओं का संचालन सुचारु हो गया।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि आपदा की स्थिति में राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुख्ता तकनीकी और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुल और एप्रोच रोड निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार से स्पष्टीकरण (Show Cause Notice) तलब करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच में निर्माण मानकों के उल्लंघन या लापरवाही की पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय जनता ने सरकार की संवेदनशीलता की सराहना की
रिकॉर्ड समय में मार्ग बहाल होने पर स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। लोगों ने इसे संवेदनशील, जवाबदेह और त्वरित निर्णय लेने वाली सरकार का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया। धामी सरकार ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आपदा की हर परिस्थिति में प्रदेशवासियों की सुरक्षा और जनहित ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
