देहरादून: उत्तराखंड सरकार द्वारा जन समस्याओं के त्वरित समाधान और अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के दूसरे चरण को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिल रहा है। अभियान के इस दूसरे चरण में अब तक 1.34 लाख से अधिक लोगों की सक्रिय भागीदारी दर्ज की जा चुकी है। इसके साथ ही, प्रथम और द्वितीय दोनों चरणों को मिलाकर कुल जनभागीदारी का आंकड़ा 6.5 लाख के पार पहुँच गया है।
जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण और योजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों पर संचालित इस विशेष अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष बहुउद्देश्यीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी सीधे जनता की समस्याएं सुन रहे हैं।
शिविरों के माध्यम से न केवल शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है, बल्कि पात्र नागरिकों को:
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समाज कल्याण पेंशन
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आयुष्मान कार्ड
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चिकित्सा उपकरण
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कृषि उपकरण व बीज
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विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र (जाति, आय, निवास आदि)
जैसी बुनियादी सेवाएं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है।
मानसूनी मौसम के बावजूद 198 शिविरों में भारी उत्साह
गत 4 जुलाई से शुरू हुए इस दूसरे चरण के तहत प्रदेशभर में अब तक 198 शिविरों का सफल आयोजन किया जा चुका है। मानसूनी सीजन और प्रतिकूल मौसम के बावजूद इन शिविरों में 1,34,740 नागरिकों ने प्रतिभाग किया।
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कुल प्राप्त शिकायतें: 23,219
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मौके पर निस्तारित शिकायतें: 20,808
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योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभार्थी: 81,753 नागरिक
प्रथम चरण की सफलता और गवर्नेंस की बेस्ट प्रैक्टिस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि आम जनता को अपनी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचे। इसी सोच के तहत गत दिसंबर माह में 45 दिनों का पहला चरण आयोजित किया गया था।
पहले चरण में 681 शिविरों के माध्यम से 5,33,452 नागरिकों ने हिस्सा लिया था और लगभग 33 हजार शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया था। इस पारदर्शी व उत्तरदायी कार्यप्रणाली को सुशासन (Governance) की बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में भी सराहा गया है।
मुख्यमंत्री का संदेश: “सरलीकरण, समाधान और जनसंतुष्टि ही हमारा संकल्प”
“हमारी सरकार ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से प्रशासन को सीधे जनता के बीच लेकर जा रही है। एक ही स्थान पर शिकायतों के निस्तारण और योजनाओं का लाभ मिलने से लोगों का समय और संसाधन दोनों बच रहे हैं। हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान और जनसंतुष्टि के मूल संकल्प के साथ देवभूमि की जनता की सेवा में निरंतर समर्पित है।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
📌 मुख्य आंकड़े एक नज़र में:
| विवरण | पहला चरण | दूसरा चरण (अब तक) | कुल योग |
| आयोजित शिविर | 681 | 198 | 879 |
| जनभागीदारी | 5,33,452 | 1,34,740 | 6,68,192 (6.5 लाख+) |
| हल की गई शिकायतें | ~33,000 | 20,808 | ~53,808 |
