MDDA के VC बंशीधर तिवारी की पहल: मैस्कॉट और स्लोगन प्रतियोगिता से युवाओं को जोड़ा; AI डिजाइन पर लगाई रोक

देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की एक अनोखी पहल के तहत प्राधिकरण पहली बार अपनी ब्रांडिंग और पहचान तय करने के लिए सीधे आम जनता और युवाओं को साथ ला रहा है। बंशीधर तिवारी के दिशा-निर्देशों पर MDDA ने “मैस्कॉट डिज़ाइन एवं स्लोगन प्रतियोगिता-2026” की शुरुआत की है। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य देहरादून के आधुनिक विकास और जन-आकांक्षाओं को दर्शाने वाला एक नया आधिकारिक चेहरा (शुभंकर) और स्लोगन चुनना है।

वीसी बंशीधर तिवारी ने घोषणा की है कि प्रतियोगिता के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। सर्वश्रेष्ठ मैस्कॉट तैयार करने वाले प्रतिभागी को ₹50,000 और सबसे सटीक व प्रभावी स्लोगन देने वाले को ₹10,000 की नकद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा।

“युवाओं और कलाकारों की रचनात्मकता बनेगी MDDA की पहचान”: बंशीधर तिवारी

प्रतियोगिता का उद्देश्य साझा करते हुए एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा:

“हमारा लक्ष्य एक ऐसा मौलिक और जीवंत मैस्कॉट तैयार करना है, जो देहरादून के सुनियोजित विकास, नवाचार और यहाँ के नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतीक बन सके। मैं प्रदेश के सभी विद्यार्थियों, चित्रकारों, डिजाइनरों और रचनात्मक युवाओं से अपील करता हूँ कि वे इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपनी सोच को सरकारी ब्रांडिंग का हिस्सा बनाएं।”

मौलिकता पर जोर, AI टूल पर पूरी तरह पाबंदी

वीसी बंशीधर तिवारी के स्पष्ट निर्देशों के तहत प्रतियोगिता में पारदर्शिता और मौलिकता (Originality) को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है:

  • AI डिजाइनों पर रोक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जनरेट किए गए डिजाइनों को सीधे खारिज (Disqualify) कर दिया जाएगा।

  • केवल मौलिक विचार: केवल हाथ से या डिजिटल माध्यम से स्वयं बनाए गए ओरिजिनल डिजाइनों को ही स्वीकार किया जाएगा।

  • भविष्य की पहचान: चुना गया मैस्कॉट एमडीडीए के आगामी सभी विकास कार्यों, जनजागरूकता अभियानों और विज्ञापनों का आधिकारिक चेहरा बनेगा।

📌 प्रतियोगिता से जुड़ी मुख्य जानकारी:

  • पहलकर्ता: बंशीधर तिवारी (उपाध्यक्ष, MDDA)

  • प्रतियोगिता तिथि: 3 अगस्त से 16 अगस्त 2026

  • पुरस्कार:

    • सर्वश्रेष्ठ मैस्कॉट: ₹50,000

    • सर्वश्रेष्ठ स्लोगन: ₹10,000

  • फॉर्मेट: प्रविष्टियां JPEG, PNG या PDF में ऑनलाइन जमा की जा सकती हैं। (साथ में कॉन्सेप्ट नोट देना अनिवार्य है।)