देहरादून, 28 दिसंबर। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की नृशंस हत्या के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देवभूमि की कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
‘सरकार से रहम की उम्मीद न रखें अपराधी’
मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड में इस तरह की हिंसक घटनाएं कतई स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया है कि मामले में संलिप्त हर अराजक तत्व के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए जो मिसाल बने। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा:
“कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अराजक तत्व सरकार से किसी भी प्रकार के रहम की उम्मीद न रखें। हमारी सरकार राज्य में रहने वाले हर नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
अब तक की कार्रवाई: 5 गिरफ्तार, एक पर 25 हजार का इनाम
त्रिपुरा के उनकोटी जिले के निवासी एंजेल चकमा की हत्या के मामले में पुलिस अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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गिरफ्तारी: पकड़े गए आरोपियों में से दो नाबालिग हैं, जिन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
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फरार आरोपी: एक मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस ने उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।
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नेपाल तक दबिश: फरार आरोपी की तलाश में उत्तराखंड पुलिस की एक विशेष टीम को नेपाल भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने स्वयं इस अभियान की निगरानी करते हुए आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे लाने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि फरार आरोपी बहुत जल्द पुलिस के शिकंजे में होगा। उन्होंने मृतक छात्र के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाहरी राज्यों से यहाँ पढ़ने आने वाले छात्रों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
