गैरसैंण के विकास और जनभावनाओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध धामी सरकार: सीएम ने कांग्रेस पर साधा निशाना

विधानसभा सत्र के समापन पर बोले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी— विरोध लोकतांत्रिक मर्यादाओं में हो, जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा जरूरी

गैरसैंण (भराड़ीसैंण)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार गैरसैंण के विकास और प्रदेश की जनभावनाओं के सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी दिशा में इस वर्ष गैरसैंण में दो विधानसभा सत्र आयोजित किए गए हैं। पिछले पांच वर्षों में भी सरकार ने यहां विधानसभा सत्रों के आयोजन को विशेष महत्व दिया है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े विषयों पर सदन में सार्थक चर्चा कराना तथा जनता के हित में आवश्यक निर्णय लेना है।

मुख्यमंत्री विधानसभा सत्र के समापन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही, विपक्ष की भूमिका, सरकार के प्रमुख निर्णयों, राज्य आंदोलन की विरासत और वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी।

सदन में विरोध हो, लेकिन लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर: धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का महत्वपूर्ण मंच है, जहां जनप्रतिनिधियों को जनता से जुड़े विषयों को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन यह विरोध लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए।

उन्होंने विपक्ष के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही बाधित करने और अनावश्यक हंगामा करने से जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा प्रभावित होती है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से जनहित के विषयों पर सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाने की अपील की।

धामी ने कहा कि लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन प्रदेश के विकास और जनता के हितों को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनसमस्याओं पर सार्थक चर्चा करने के बजाय विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को प्राथमिकता दे रही है।

समान नागरिक संहिता और सख्त भू-कानून को बताया प्रमुख निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में जनता के समक्ष रखे गए दृष्टिपत्र के अनुरूप कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इनमें समान नागरिक संहिता लागू करना, सख्त भू-कानून की दिशा में कदम उठाना तथा शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में आवश्यक सुधार करना शामिल है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की आवश्यकताओं और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार आगे भी निर्णय लेती रहेगी। समान नागरिक संहिता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे लेकर पहले कई आशंकाएं व्यक्त की गई थीं, लेकिन सरकार ने व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए इसे लागू किया।

मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था में किए गए बदलावों का भी उल्लेख किया और कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है।

राज्य आंदोलन और रामपुर तिराहा कांड का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन को याद करते हुए कहा कि राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। रामपुर तिराहा कांड प्रदेश के इतिहास की अत्यंत पीड़ादायक घटना है, जिसे उत्तराखण्डवासी कभी नहीं भूल सकते।

उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उत्तराखण्ड और राज्य आंदोलन से जुड़े विषयों पर टिप्पणी करते समय प्रदेश की जनभावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के संबंध में की गई राजनीतिक टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और राष्ट्रसेवा में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के प्रति सम्मान का भाव होना चाहिए। सार्वजनिक जीवन में संवाद की मर्यादा और भाषा की शालीनता बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

भ्रष्टाचार के आरोपों पर कांग्रेस को दिया जवाब

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता और सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में व्यवस्थागत सुधार किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनहित में निर्णय लेना और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने प्रदेश के विकास और जनकल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

7,844.18 करोड़ के अनुपूरक बजट में विकास और जनकल्याण पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 7,844.18 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट में विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि बजट में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कृषि और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया है। विधानसभा सत्र के दौरान अनुपूरक बजट के साथ विभिन्न विधेयक भी पारित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं और प्रदेश की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों को आगे बढ़ाया जाए।

पर्वतीय क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना सरकार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के समग्र विकास के साथ दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। गैरसैंण सहित पूरे प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि गैरसैंण में विधानसभा सत्रों का आयोजन प्रदेश की जनभावनाओं के सम्मान और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। सरकार चाहती है कि सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप निर्णय लिए जाएं।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश का विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।

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