UKSSSC पेपर लीक में धामी सरकार के एक्शन ने तोड़ दी नकल जिहादियों की कमर, जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी

UKSSSC पेपर लीक मामले में धामी सरकार की कार्रवाई

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्रेजुएट लेवल भर्ती परीक्षा (21 सितंबर 2025 को आयोजित) में तीन पेजों के क्वेश्चन पेपर के लीक होने के आरोप लगे, जिसके बाद राज्य भर में छात्रों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने इसे “नकल जिहाद” और “नकल माफिया” के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई।

 

1. **गिरफ्तारियां और जांच**
– मुख्य आरोपी **खालिद मलिक** (जो परीक्षा केंद्र पर पेपर की फोटो लेकर अपनी बहन सबिया को भेजा, जिसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुए) को 24 सितंबर 2025 को हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसकी बहन **सबिया** पहले ही गिरफ्तार हो चुकी है।
– परीक्षा से एक दिन पहले **हाकम सिंह** (2021 UKSSSC लीक का मास्टरमाइंड) और **पंकज गौर** को 12-15 लाख रुपये लेकर सफलता का वादा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
– **SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम)** का गठन 25 सितंबर 2025 को किया गया, जो रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की निगरानी में जांच करेगी। SIT को एक महीने में रिपोर्ट सौंपनी है। नागरिक सीधे SIT को जानकारी दे सकते हैं।

 

2. **संपत्ति जब्ती और बुलडोजर एक्शन**
– 26 सितंबर 2025 को मुख्य आरोपी खालिद मलिक की लक्सर (हरिद्वार) में निर्माणाधीन दुकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। यह राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का हिस्सा है।

 

3. **निलंबन और विभागीय कार्रवाई**
– UKSSSC के अधिकारी **के.एन. तिवारी** को निलंबित किया गया।
– परीक्षा में शामिल अन्य अधिकारियों और परिवार के सदस्यों की जांच चल रही है।

 

4. **कानूनी और नीतिगत कदम**
– मामला **उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और नियंत्रण) अध्यादेश 2023** के तहत दर्ज किया गया, जिसमें दोषियों को सख्त सजा (जेल और जुर्माना) का प्रावधान है। अब तक 100 से अधिक नकल माफिया जेल भेजे जा चुके हैं।
– सरकार ने दो कमेटियां गठित कीं: एक नई सिलेक्शन कमीशन बनाने पर विचार के लिए, दूसरी मौजूदा UKSSSC को जारी रखने की सिफारिश के लिए।

 

5. **मुख्यमंत्री धामी के बयान और प्रतिबद्धता**
– धामी ने कहा, “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं। कोई दोषी बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने इसे सिस्टम को बदनाम करने की साजिश बताया और छात्रों से शांति की अपील की।
– विरोध के बीच धामी ने बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, लेकिन छात्रों की मुख्य मांगें (परीक्षा रद्द, CBI जांच) पर अभी फैसला लंबित है।

सरकार का दावा है कि परीक्षा पूरी तरह प्रभावित नहीं हुई, लेकिन विरोध जारी है। छात्र CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। धामी सरकार ने 2021 से अब तक 25,000 से अधिक सरकारी नौकरियां भरी हैं, लेकिन यह घटना राज्य में भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।