धामी का नेतृत्व आज राज्य में “युवा जोश” और “निर्णायक शासन” का पर्याय बन चुका है

Dehradun: जुलाई 2021 में सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने वाले धामी ने न केवल राजनीतिक स्थिरता प्रदान की है, बल्कि अपनी कार्यशैली से “धाकड़ धामी” की छवि भी बनाई है।
पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और उनके द्वारा राज्य के विकास के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों का विस्तृत विवरण निम्नलिखित है:

1. युवा केंद्रित शासन और रोजगार*

धामी सरकार ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं:
देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून: पेपर लीक माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए धामी सरकार ने देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, जिससे परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
रिकॉर्ड सरकारी नियुक्तियां: पिछले चार वर्षों में रिकॉर्ड 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी गई है।
स्टार्टअप और कौशल विकास: युवा उद्यमियों के लिए ‘स्टार्टअप नीति 2023’ और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की घोषणा की गई है। साथ ही, AI और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक विषयों में कौशल प्रशिक्षण पर जोर दिया जा रहा है।

2. साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय*

मुख्यमंत्री धामी अपने उन फैसलों के लिए जाने जाते हैं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया:
समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने UCC को मंजूरी दी, जो सभी धर्मों के लिए समान अधिकारों की दिशा में एक बड़ा कदम है।
धर्मांतरण और अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई: अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए सख्त कानून और राज्य में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया।
क्षैतिज आरक्षण: राज्य की महिलाओं के लिए 30% और राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10% क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) का ऐतिहासिक फैसला लिया गया।

3. बुनियादी ढांचा और विकास (Ecology vs Economy)*

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में धामी सरकार ने विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाया है:
कनेक्टिविटी में सुधार: दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और ₹12,000 करोड़ की लागत से बना एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर राज्य की प्रगति के नए मील का पत्थर हैं।
SDG इंडेक्स में शीर्ष स्थान: उत्तराखंड ने नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडेक्स 2023-24 में शीर्ष स्थान हासिल कर स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की है।
धार्मिक पर्यटन का कायाकल्प: केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के साथ-साथ ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के जरिए कुमाऊं क्षेत्र के मंदिरों का विकास किया जा रहा है।

4. महिला सशक्तिकरण: ‘लखपति दीदी’ योजना

धामी सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ योजना के माध्यम से 1 लाख से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर सशक्त बनाया है।

पुष्कर सिंह धामी का “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” का मंत्र उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। उनकी सरकार के 4 साल बेमिसाल के जश्न के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें ‘धुरंधर धामी’ की संज्ञा दी, जो उनकी बढ़ती राजनीतिक साख और जनता के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।

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