धामी के सख्त फैसलों ने उनको बना दिया पीएम मोदी का सबसे चहेता सीएम, उत्तराखंड के लोगों का मिल रहा भरपूर समर्थन

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की लोकप्रियता और मजबूत स्थिति उनके साहसिक और जन-केंद्रित फैसलों का परिणाम है। राज्य के हित में लिए गए साहसिक फैसलों ने मुख्यमंत्री धामी को राजनीतिक मजबूती दी है। जिम्मेदारी को समझते हुए धामी की कार्यशैली ने पीएम मोदी का सबसे चहेता सीएम बना दिया तो उत्तराखंड की जनता का भरोसा भी जीता, पार्टी नेतृत्व और संघ की हामी भी मिल रही है।
कुछ बिंदुओं के जरिए समझते हैं.

1. यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करना
– **क्या किया?** धामी ने 2022 में UCC लागू करने का वादा किया और 2024 में इसे विधानसभा में पारित कर लागू किया, जिससे उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जहां UCC लागू हुआ। यह कानून विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान नियम लागू करता है।

– **प्रभाव:**
– हिंदुत्व समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में उनकी छवि मजबूत हुई। एक एक्स पोस्ट (15 अगस्त 2025) में कहा गया, “UCC लागू कर धामी ने दिखाया कि वे वादों को पूरा करते हैं।”
– केंद्र सरकार (पीएम मोदी, अमित शाह) ने इसे राष्ट्रीय मॉडल के रूप में सराहा, जिससे धामी को दिल्ली में मजबूत समर्थन मिला।
– विपक्ष के विरोध के बावजूद, जनता में इसे समानता और सुशासन का प्रतीक माना गया।

2. नकलरोधी कानून और युवा-केंद्रित नीतियां
– **क्या किया?** धामी ने 2022 में सख्त नकलरोधी कानून लागू किया, जिसके तहत भर्ती परीक्षाओं में नकल करने वालों को कड़ी सजा दी जाती है। साथ ही, उन्होंने बेरोजगार युवाओं के लिए 25,000 सरकारी नौकरियां और रोजगार मेले शुरू किए।- **प्रभाव:**
– युवाओं में उनकी लोकप्रियता बढ़ी, जो उत्तराखंड की राजनीति में अहम वोट बैंक हैं। एक एक्स पोस्ट (10 अगस्त 2025) में लिखा, “धामी ने नकल माफिया को जेल भेजकर युवाओं का भरोसा जीता।”
– यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सख्त छवि को मजबूत करता है, जिसे जनता और केंद्र दोनों ने सराहा।

3. हिंदुत्व और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
– **क्या किया?**
– चारधाम यात्रा को सुचारू करने के लिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन और बुनियादी ढांचा विकास (रोड, हेलीपैड) पर ध्यान दिया। 2025 में 15 करोड़ पर्यटकों का रिकॉर्ड बना।
– अवैध मजारों और मदरसों पर कार्रवाई (2023-2024) और “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत ढोंगी बाबाओं के खिलाफ सख्ती।
– मंदिर विकास परियोजनाएं (जैसे केदारनाथ-बद्रीनाथ का पुनरुद्धार) शुरू कीं।
– **प्रभाव:**
– हिंदुत्व समर्थकों और RSS में उनकी छवि मजबूत हुई। एक एक्स पोस्ट (20 अगस्त 2025) में कहा गया, “धामी ने चारधाम को विश्वस्तरीय बनाया, हिंदुत्व के साथ विकास का मॉडल दिया।”
– पर्यटन से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को बल मिला, जिससे स्थानीय लोगों में रोजगार बढ़ा और धामी की जन-समर्थन बढ़ा।

4. अवैध अतिक्रमण और मतांतरण के खिलाफ सख्ती**
– **क्या किया?
– अवैध निर्माण (विशेष रूप से मजारें और कुछ मदरसे) हटाने का अभियान चलाया, खासकर देहरादून और हरिद्वार में।
– सख्त मतांतरण विरोधी कानून लागू किया, जिसके तहत जबरन धर्म परिवर्तन पर सजा दी जाती है।
प्रभाव
– यह फैसला हिंदुत्व एजेंडे को बढ़ावा देता है, जिससे भाजपा का कोर वोट बैंक खुश है। एक एक्स पोस्ट (5 अगस्त 2025) में लिखा, “धामी ने माफियाओं को नहीं छोड़ा, चाहे खनन हो या अतिक्रमण।”
– हालांकि, कुछ समूहों में विवाद हुआ, लेकिन धामी की “सख्त प्रशासक” की छवि और मजबूत हुई।

5. **आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण**
– **क्या किया?**
– 2023 और 2024 की बाढ़ों में त्वरित राहत कार्य (थराली, चमोली में सक्रियता) और आपदा प्रबंधन को मजबूत किया।
– अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई, जिसके लिए उन्होंने 2024 में विशेष टास्क फोर्स बनाई।
– **प्रभाव:**
– स्थानीय लोगों में भरोसा बढ़ा, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में जहां आपदा प्रबंधन अहम है। एक एक्स पोस्ट (26 अगस्त 2025) में कहा गया, “धामी का आपदा प्रबंधन शानदार रहा, ग्रामीणों ने सराहा।”
– पर्यावरण संरक्षण से उनकी छवि एक जिम्मेदार नेता के रूप में उभरी, जो उत्तराखंड जैसे पर्यावरण-संवेदनशील राज्य में जरूरी है।

6. विकास परियोजनाएं और बुनियादी ढांचा
– **क्या किया?
– देहरादून मेट्रो प्रोजेक्ट, रेल कनेक्टिविटी (ऋषिकेश-कर्णप्रयाग), और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को तेज किया।
– ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (2023) के जरिए 2 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव लाए, जिससे रोजगार बढ़ा।
– **प्रभाव:**
– शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों ने उनकी छवि को मजबूत किया। एक एक्स पोस्ट (27 अगस्त 2025) में लिखा, “धामी ने उत्तराखंड को निवेश का हब बनाया।”
– केंद्र सरकार का समर्थन (विशेष रूप से पीएम मोदी और नितिन गडकरी से) उनकी विकास नीतियों की वजह से बढ़ा।

7. महिला सशक्तिकरण और सामाजिक नीतियां
– **क्या किया?
– महिलाओं के लिए 30% क्षैतिज आरक्षण सरकारी नौकरियों में लागू किया (2023)।
– लखपति दीदी योजना के तहत 1.25 लाख महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा।
– **प्रभाव:**
– महिला वोटरों में उनकी लोकप्रियता बढ़ी, जो 2027 चुनाव में अहम होगी। एक एक्स पोस्ट (15 अगस्त 2025) में कहा गया, “धामी ने महिलाओं को सशक्त किया, ये वोट बैंक अब उनके साथ है।”

क्यों हैं ये फैसले मजबूत करने वाले?
– **केंद्र और RSS का समर्थन: धामी के हिंदुत्व और विकास के मिश्रित एजेंडे ने उन्हें पीएम मोदी, अमित शाह और RSS की नजर में विश्वसनीय बनाया। एक एक्स पोस्ट (27 अगस्त 2025) में लिखा, “धामी को दिल्ली का पूरा समर्थन, 2027 में भी वे चेहरा होंगे।”
– **जनता की लोकप्रियता:** UCC, नकलरोधी कानून, और आपदा प्रबंधन जैसे फैसलों ने युवा, महिलाओं और हिंदू वोटरों में उनकी पकड़ मजबूत की।

– **विपक्ष की कमजोरी:** कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की कमजोर रणनीति ने धामी की स्थिति को और मजबूत किया। एक पोस्ट में कहा गया, “विपक्ष के पास धामी के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं।”

– **2027 की तैयारी:** ये फैसले धामी को 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा के मजबूत चेहरे के रूप में स्थापित करते हैं, क्योंकि वे विकास और हिंदुत्व का संतुलन बनाए रखते हैं

पुष्कर सिंह धामी के ये फैसले—UCC, नकलरोधी कानून, हिंदुत्व एजेंडा, आपदा प्रबंधन, और विकास परियोजनाएं—उन्हें उत्तराखंड में एक मजबूत और लोकप्रिय नेता बनाते हैं। उनकी युवा ऊर्जा, सख्त प्रशासन, और केंद्र के साथ अच्छे रिश्ते उन्हें 2027 तक और मजबूत बनाएंगे। अफवाहें आती-जाती रहेंगी, लेकिन उनके काम और जनता का समर्थन उनकी कुर्सी को अडिग रखता है।

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