उत्तराखंड सरकार राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए रेलवे के साथ मिलकर रणनीतिक कदम उठा रही है। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डोईवाला बाईपास से लेकर देहरादून-सहारनपुर टनल प्रोजेक्ट तक, कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
1. ऋषिकेश-डोईवाला बाईपास: पर्यावरणीय संतुलन के साथ विकास
ऋषिकेश-डोईवाला बाईपास रेलवे लाइन परियोजना को रफ्तार देने के लिए मुख्य सचिव ने राजाजी नेशनल पार्क और वन विभाग की 3.62 हेक्टेयर भूमि के उपयोग को लेकर कड़े निर्देश दिए।
-
संयुक्त सर्वेक्षण: जिलाधिकारी देहरादून को रेलवे, मुख्य वन्यजीव वार्डन और राजाजी नेशनल पार्क के अधिकारियों के साथ मिलकर संयुक्त सर्वेक्षण करने को कहा गया है।
-
समयबद्ध रिपोर्ट: निरीक्षण आख्या जल्द से जल्द शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि परियोजना में देरी न हो।
2. देहरादून-मोहण्ड-सहारनपुर टनल प्रोजेक्ट
देहरादून और सहारनपुर के बीच यात्रा को सुगम बनाने वाली ‘टलन आधारित रेलवे लाइन’ पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
-
मुख्य सचिव ने इस परियोजना का Final Location Survey (FLS) कराते हुए इसकी वर्तमान स्थिति से शासन को अवगत कराने के निर्देश दिए।
-
साथ ही, हर्रावाला रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण के लिए तैयार ‘मास्टर प्लान’ को शासन के साथ साझा करने की बात कही गई, जिससे राजधानी में रेलवे सुविधाओं का विस्तार हो सके।
3. कुंभ मेला-2027: सुगम और सुरक्षित यातायात की तैयारी
2027 में आयोजित होने वाले महाकुंभ के लिए अभी से खाका तैयार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया:
-
संयुक्त ट्रैफिक प्लान: रेलवे अधिकारियों को हरिद्वार के जिलाधिकारी (DM), SSP, मेलाधिकारी और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के साथ मिलकर एक व्यापक ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।
-
सुरक्षा कार्य: हरिद्वार रेलवे सुरंग के पास ढलान स्थिरीकरण (Slope Stabilization) के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है ताकि किसी भी भूस्खलन की स्थिति से बचा जा सके।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन और रेलवे के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें:
-
श्री बृजेश कुमार संत (सचिव परिवहन)
-
श्रीमती रीना जोशी (अपर सचिव)
-
उत्तर रेलवे के अन्य वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ।
यह बैठक स्पष्ट करती है कि उत्तराखंड सरकार और उत्तर रेलवे के बीच बेहतर समन्वय से राज्य में न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सामरिक और नागरिक परिवहन की दृष्टि से भी उत्तराखंड एक नए युग की ओर कदम बढ़ाएगा।
