उत्तराखंड में व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा हरेला पर्व, क्लस्टर स्कूलों के छात्रों को जल्द मिलेगी यातायात सुविधा: मुख्य सचिव

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों (DMs) की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक ली। इस बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय धरोहर ‘हरेला पर्व’ को व्यापक स्तर पर मनाने तथा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ‘क्लस्टर विद्यालयों’ की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी जनपदों को तत्काल एक्शन प्लान तैयार करने और छात्र-छात्राओं को जल्द से जल्द परिवहन सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए।

1. जन-आंदोलन बनेगा हरेला पर्व, तैयार होगा हर जिले का ‘एक्शन प्लान’

मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और उत्तराखंड की लोक संस्कृति के प्रतीक हरेला पर्व को इस बार बेहद बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

  • सामूहिक भागीदारी: इस महाअभियान को धरातल पर सफल बनाने के लिए स्कूलों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), न्याय पंचायतों और ग्राम पंचायतों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।

  • जमीनी स्तर पर जुड़ाव: मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि आयोजन को केवल सरकारी स्तर तक सीमित न रखकर ग्राम पंचायत और न्याय पंचायत स्तर तक ले जाया जाए, ताकि जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

2. क्लस्टर स्कूलों में ‘लो हैंगिंग फ्रूट’ रणनीति पर फोकस

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचा सुधारने और ड्रॉपआउट दर को कम करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव ने क्लस्टर विद्यालयों की प्रगति पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा कि क्लस्टर विद्यालयों के माध्यम से सरकार प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के छात्र-छात्राओं को वे सभी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं एक ही जगह (Under one roof) देने का प्रयास कर रही है, जो उन्हें मिलनी चाहिए।

  • यातायात सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता: दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूलों तक सुगम पहुंच मिल सके, इसके लिए मुख्य सचिव ने प्राथमिक और माध्यमिक क्लस्टर विद्यालयों में विद्यार्थियों को जल्द से जल्द यातायात सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।

  • पहले चरण की कार्ययोजना: उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित क्लस्टर विद्यालयों में से जो ‘लो हैंगिंग फ्रूट’ (यानी जो विद्यालय शुरुआती बुनियादी ढांचे के साथ तुरंत शुरू होने की स्थिति में हैं) श्रेणी में आते हैं, उन्हें पहले चरण में प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाए।

कमिश्नरों को साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश:

मुख्य सचिव ने आयुक्त गढ़वाल एवं आयुक्त कुमाऊं को इस पूरी परियोजना पर कड़ी नजर रखने को कहा है। उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों को निर्देश दिए कि वे क्लस्टर विद्यालयों की प्रगति और वहां यातायात सुविधा बहाली की साप्ताहिक (Weekly) समीक्षा करें, ताकि योजना में किसी भी स्तर पर देरी न हो।

बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक में प्रशासनिक स्तर पर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, सचिव श्री नितेश कुमार झा, श्री रविनाथ रामन, डॉ. वी. षणमुगम, श्री चंद्रेश कुमार यादव एवं श्री विनोद कुमार सुमन सहित शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

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