देहरादून: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड के 8 जनपदों—देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़—के विभिन्न हिस्सों में भारी वर्षा, जलभराव और फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) की गंभीर चेतावनी व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग के इस अलर्ट के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी संबंधित जिलों के प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के आदेश जारी कर दिए हैं।
राहत-बचाव दल अलर्ट पर, संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी के निर्देश
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में जिलाधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि जनपद स्तर पर राहत एवं बचाव टीमों (SDRF, NDRF, पुलिस व स्थानीय प्रशासन) को अलर्ट मोड पर रखा जाए।
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मार्ग खोलने और समन्वय: भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में लोक निर्माण विभाग (PWD) और BRO को तुरंत रास्ते खोलने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभागों को आपस में बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
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स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता: संवेदनशील इलाकों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विद्यालयों में सुरक्षात्मक निर्णय (छुट्टी या ऑनलाइन मोड) लेने का अधिकार जिला प्रशासन को दिया गया है।
अनावश्यक पर्वतीय यात्रा से बचें, प्रशासन ने जारी की अपील
सचिव (आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास) विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें। पर्वतीय क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें तथा नदी-नालों के किनारे जाने का जोखिम न उठाएं।
आपातकालीन संपर्क नंबर:
किसी भी आपदा या आपात स्थिति में सहायता के लिए राज्य और जिला प्रशासन ने टोल-फ्री नंबर जारी किए हैं:
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राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र: 1070
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जिला आपदा नियंत्रण कक्ष: 1077
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आपातकालीन सेवा (पुलिस/एंबुलेंस): 112
