हरिद्वार में मुरारी बापू की रामकथा में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा बयान; कहा- ‘जांच समिति गठित, मुकदमा दर्ज, कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।’
हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में चढ़ावे और प्रबंधन को लेकर सामने आई अनियमितताओं पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। हरिद्वार के प्रेम नगर आश्रम में आयोजित प्रसिद्ध कथावाचक मुरारी बापू की रामकथा में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री ने इस मामले को ‘महापाप’ की श्रेणी में रखते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
“पवित्र स्थानों पर ऐसी गड़बड़ी अक्षम्य अपराध”
बीकेटीसी में सामने आई गड़बड़ियों पर सीधा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर अपनी प्रारंभिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा:
“यह गोहत्या जैसा पाप है। ऐसे पवित्र स्थानों पर इस तरह का कृत्य करना अपने माता-पिता की हत्या करने जैसा महापाप है, जो किसी भी स्थिति में क्षमा योग्य नहीं है। इस प्रकरण में अपराध पंजीकृत कर दिया गया है और सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिसकी जानकारी जल्द ही सामने आ जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसे किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच के लिए एक विशेष समिति (Special Committee) का गठन कर दिया गया है। इस जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में मंदिर प्रबंधन और व्यवस्थाओं को और अधिक दुरुस्त व पारदर्शी बनाया जाएगा।
मानसून को लेकर अगले 10 दिन अहम, कई जिलों में ‘हाई अलर्ट’
मंदिर समिति के विवाद के अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य में दस्तक दे चुके मानसून और मौसम के हालातों पर भी स्थिति स्पष्ट की। सीएम धामी ने बताया कि राज्य में मानसून की शुरुआत हो चुकी है और मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले 10 दिनों तक कुछ जनपदों में ‘हाई अलर्ट’ जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने देवभूमि की जनता और चारधाम यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं को आश्वस्त करते हुए कहा:
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सरकार पूरी तरह मुस्तैद: राज्य सरकार मानसून और संभावित आपदा की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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विभागों को निर्देश: आपदा प्रबंधन (Disaster Management) और अन्य संबंधित विभागों को चौबीसों घंटे ‘हाई अलर्ट’ पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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सुरक्षा सर्वोपरि: सभी व्यवस्थाओं को इसी तरह आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि आम जनता, स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा या परेशानी का सामना न करना पड़े।
