उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूकेएसएसएससी पेपर मुद्दे पर पत्रकारों से बात की है. उनका कहना है कि प्रदर्शन को ‘राजनीतिकरण’ किया जा रहा है.
सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती परीक्षा करवाने वाले उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा को लेकर यह विवाद हुआ.
दरअसल आरोप है कि बीते रविवार को आयोजित यूकेएसएसएससी की भर्ती परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही उसका पेपर लीक हो गया. जिसके बाद से राजधानी देहरादून में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं.
सीएम धामी ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मैं सभी युवाओं से अपील करता हूं कि वो तय करें कि उनके आंदोलन का नेतृत्व कौन लोग कर रहे हैं.”
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “जो युवाओं को सड़कों पर लाकर अपना हित साध रहे हैं,ऐसे लोग हैं जिनका युवाओं या भर्ती प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं है.”
मुख्यमंत्री ने कहा, “लेकिन हमारी प्रतिबद्धता है कि जैसे हमने 25 हज़ार नियुक्तियां पारदर्शी तरीके़ से बिना किसी भ्रष्टाचार के की हैं, आगे भी इस क्रम को हम बढ़ाएंगे.”
उन्होंने कहा, “जो घटना सामने आई है उसकी जांच के लिए हमने एक एसआईटी का गठन किया है. छात्रों के हित में जो भी फै़सला लेना होगा हम एक मिनट भी पीछे नहीं हटने वाले हैं, लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्रों की आड़ में सरकार को निशाना बनाया जा रहा है”
उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान देशद्रोह के नारे लगाए जा रहे हैं और सनातन धर्म का अपमान किया जा रहा है.
