7 महिलाओं के दिव्य ग्राम संगठन ने मंडुवा और मशरूम बिस्किट बनाकर पेश की स्वरोजगार की मिसाल, हर माह कमा रही हैं 40 हजार रुपये तक का शुद्ध लाभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में संचालित ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत सहारा बन रही है। टिहरी जिले के विकासखंड थौलधार स्थित ग्राम भैंसकोटी की सात महिलाओं—राजेश्वरी सकलानी, गीता भट्ट, आशा देवी, रजनी, अनीता, विशिला देवी और शकुन्तला देवी ने कभी घर-गृहस्थी और खेती-किसानी तक सीमित रहने के बावजूद इस योजना का लाभ उठाकर बेकरी उद्यम की शुरुआत की और आज क्षेत्र में सफल महिला उद्यमियों के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।
10 लाख रुपये की लागत से स्थापित हुआ बेकरी उद्यम
दिव्य ग्राम संगठन से जुड़ी ये महिलाएं शिवालय, संतोषी और लक्ष्मी स्वयं सहायता समूहों का हिस्सा हैं। ग्रामोत्थान परियोजना की टीम द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद संगठन को ₹6 लाख की परियोजना सहायता राशि दी गई। इसके साथ ₹3 लाख का बैंक ऋण और ₹1 लाख का स्वयं का अंशदान मिलाकर कुल ₹10 लाख की लागत से जनवरी 2026 में बेकरी उद्यम स्थापित किया गया।
स्थानीय उत्पादों और मंडुवा-मशरूम बिस्किट की बाजार में भारी मांग
समूह की राजेश्वरी सकलानी ने बताया कि परियोजना से मिली सहायता से बेकरी की आधुनिक मशीनें और उपकरण खरीदे गए। इसके बाद स्थानीय अनाजों व मांग को ध्यान में रखते हुए मंडुवा बिस्किट, मशरूम बिस्किट, आटा बिस्किट, फैन, बन, ब्रेड और केक तैयार करना शुरू किया गया। इन उत्पादों की थौलधार, कमांद, कांडीखाल और टिहरी के प्रमुख बाजारों में अच्छी बिक्री हो रही है। वर्तमान में इस छोटे ग्रामीण उद्यम से प्रतिमाह ₹50,000 से ₹60,000 की आय हो रही है, जिसमें से लगभग ₹30,000 से ₹40,000 का शुद्ध लाभ सीधे महिलाओं को मिल रहा है।
प्रशासन एवं परियोजना निदेशक का संदेश
प्रभारी परियोजना निदेशक (जिला ग्रामीण विकास अभिकरण) ज्योति ने बताया कि भैंसकोटी का यह स्वयं सहायता समूह बेकरी उत्पादों के जरिए महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। उन्होंने अन्य ग्रामीण महिलाओं से भी इस प्रकार की सरकारी योजनाओं से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
महिलाओं ने अपनी इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिला प्रशासन और ग्रामोत्थान परियोजना की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया है। उनका संकल्प है कि वे अपने व्यवसाय का और विस्तार कर क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ेंगी।
