स्काउट एवं गाइड युवाओं में अनुशासन, सेवा और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री धामी

भारत स्काउट एवं गाइड के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात, मुख्यमंत्री को पहनाया स्कार्फ; हैम रेडियो और युवा आपदा मित्र कार्यक्रम की दी जानकारी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भारत स्काउट एवं गाइड के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में संस्था के उत्तराखण्ड प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को स्कार्फ पहनाकर सम्मानित किया और स्थापना दिवस का फ्लैग स्टीकर लगाया।

मुख्यमंत्री ने स्थापना दिवस पर भारत स्काउट एवं गाइड से जुड़े सभी पदाधिकारियों, स्काउट्स और गाइड्स को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्काउट एवं गाइड युवाओं में अनुशासन, सेवा भावना, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। संस्था लंबे समय से युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने और समाज के प्रति उनके दायित्वों का बोध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण में संस्था के प्रयास सराहनीय

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारत स्काउट एवं गाइड के स्वयंसेवक सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सराहनीय योगदान दे रहे हैं। युवाओं में सेवा और सहयोग की भावना विकसित करने के साथ ही कठिन परिस्थितियों में समाज की मदद के लिए तैयार करना संस्था की महत्वपूर्ण विशेषता है।

उन्होंने कहा कि स्काउट एवं गाइड के माध्यम से युवाओं को अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और नेतृत्व के गुण सीखने का अवसर मिलता है। ये गुण उन्हें व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों के निर्वहन में भी सक्षम बनाते हैं।

7 नवंबर 1950 को हुआ था भारत स्काउट एवं गाइड का गठन

इस अवसर पर संस्था के प्रादेशिक सचिव श्री रविन्द्र मोहन काला ने मुख्यमंत्री को भारत स्काउट एवं गाइड की गतिविधियों और प्रदेश में संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत स्काउट एवं गाइड का गठन 7 नवंबर 1950 को किया गया था। संस्था का उद्देश्य युवाओं में चरित्र निर्माण, अनुशासन, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

उन्होंने उत्तराखण्ड में संचालित हैम रेडियो पायलट प्रोजेक्ट और युवा आपदा मित्र कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी दी। बताया गया कि युवा आपदा मित्र कार्यक्रम के अंतर्गत स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में वे राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग कर सकें।

हैम रेडियो और युवा आपदा मित्र कार्यक्रम पर विशेष जोर

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आपदा के समय संचार व्यवस्था का महत्व काफी बढ़ जाता है। ऐसे में हैम रेडियो पायलट प्रोजेक्ट और प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

युवा आपदा मित्र कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को आपदा के दौरान सतर्कता, प्राथमिक सहायता और राहत कार्यों से जुड़ी जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर आपदा के समय सहयोगी स्वयंसेवकों का नेटवर्क तैयार करने में मदद मिल सकती है।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर अपर प्रादेशिक मुख्य आयुक्त श्रीमती वंदना गर्ब्याल, प्रादेशिक सचिव श्री रविन्द्र मोहन काला, प्रादेशिक वित्त समिति के सदस्य श्री जे.पी. काला, प्रादेशिक संगठन आयुक्त श्रीमती अंजलि चन्दोला, प्रशासनिक अधिकारी श्री अरुण राय, सहायक प्रादेशिक प्रशिक्षण आयुक्त श्री राहुल प्रसाद रतूड़ी तथा गाइड कु. योजना और कु. इशा ठाकुर उपस्थित रहीं।

मुख्यमंत्री ने संस्था के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए युवाओं में सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण बताया