पत्रकारों को सीएम धामी की दो बड़ी सौगातें, बढ़ेगी मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या और पेंशन राशि

उत्तरांचल प्रेस क्लब के दीपावली महोत्सव में मुख्यमंत्री की घोषणा, पत्रकार कल्याण कोष की राशि ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ किए जाने का भी किया उल्लेख

देहरादून। उत्तराखण्ड के पत्रकारों के हित में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब की ओर से आयोजित दीपावली महोत्सव में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में तहसील, जिला और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या बढ़ाने तथा पत्रकार पेंशन की राशि में वृद्धि करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं को पत्रकारों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तरांचल प्रेस क्लब के पदाधिकारियों, सदस्यों और प्रदेशभर के पत्रकारों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि प्रकाश पर्व दीपावली सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।

लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होने के साथ ही समाज और सरकार के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। पत्रकार जहां एक ओर आम जनता तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी पहुंचाते हैं, वहीं दूसरी ओर जनता की समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को सरकार तक पहुंचाने का कार्य भी करते हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में पत्रकारों की सक्रिय और रचनात्मक भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पत्रकारिता समाज का दर्पण है, जिसके माध्यम से सरकार और प्रशासन को यह समझने में मदद मिलती है कि योजनाओं और विकास कार्यों का धरातल पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों से मिलने वाला फीडबैक और उनके सुझाव शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने में सहायक होते हैं। उन्होंने देवर्षि नारद की संवाद परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकार अपने दायित्वों का समर्पण और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन कर रहे हैं।

फेक न्यूज के दौर में तथ्यों की पुष्टि जरूरी

मुख्यमंत्री ने बदलते मीडिया परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सूचना और संचार के माध्यमों में तेजी से बदलाव आया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और नई तकनीकों ने पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं पैदा की हैं। हालांकि, इसके साथ फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं का प्रसार भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में पत्रकारों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। तथ्यों की पुष्टि के बाद सही, सटीक और निष्पक्ष जानकारी जनता तक पहुंचाना आवश्यक है। विश्वसनीय पत्रकारिता न केवल समाज को भ्रमित होने से बचाती है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को भी मजबूती प्रदान करती है।

पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आवासीय सुविधाओं पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों की समस्याओं और उनके हितों के प्रति संवेदनशील है। पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक सहायता और आवासीय सुविधाओं को लेकर विभिन्न स्तरों पर कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के साथ वरिष्ठ पत्रकारों के सम्मान और उनके सामाजिक सुरक्षा संबंधी हितों का भी ध्यान रखा जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि पत्रकारों को अपने पेशेवर दायित्वों के निर्वहन के लिए आवश्यक सुविधाएं और सहयोग मिल सके।

पत्रकार कल्याण कोष की धनराशि 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ की

मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारों के कल्याण के लिए उठाए गए पूर्व के कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पत्रकार पेंशन में पहले भी वृद्धि की गई है। इसके अलावा पत्रकार कल्याण कोष की धनराशि को ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों के कल्याण और उनकी व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए सरकार आगे भी सकारात्मक कदम उठाती रहेगी। उन्होंने मीडिया सेंटरों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने और प्रदेश के प्रेस क्लबों को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।

उत्तराखण्ड के विकास में पत्रकारों से सहयोग की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ लगातार कार्य कर रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने में पत्रकारों के सुझाव और रचनात्मक सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के विकास, जनहित और जनसमस्याओं से जुड़े विषयों पर पत्रकार सरकार को इसी तरह सकारात्मक सुझाव देते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और मीडिया के बीच सार्थक संवाद से शासन व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, उत्तरांचल प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजय सिंह राणा, महामंत्री योगेश सेमवाल, कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री की दो घोषणाओं पर विशेष नजर

  1. प्रदेश में तहसील, जिला एवं राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
  2. पत्रकारों को मिलने वाली पेंशन की राशि में वृद्धि की जाएगी।