मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा
देहरादून: उत्तराखंड सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के आलोक में राज्य के सरकारी और गैर-सरकारी विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और सुधारों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और 5-वर्षीय विजन प्लान पर जोर
मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप अपडेट और मॉडिफाई करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को अपना 5 साल का मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। राज्य के संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए NAAC और NIRF एक्रेडिटेशन प्राप्त करने पर विशेष ध्यान केंद्रित करने को कहा गया। इसके लिए विश्वविद्यालयों को अल्पकालीन, मध्यकालीन और दीर्घकालिक कार्ययोजनाएं बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
व्यावहारिक शिक्षा, इंडस्ट्री कनेक्टिविटी और विदेशी भाषाएं
छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्य सचिव ने एक मजबूत ‘ट्रेसिंग मैकेनिज्म’ विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव के लिए इंटर्नशिप को जोड़ा जाना अनिवार्य है। इसके लिए विश्वविद्यालयों को इंडस्ट्री, एनजीओ और सामाजिक संस्थाओं के साथ तालमेल बढ़ाने की सलाह दी गई। इसके साथ ही, छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालयों में विदेशी भाषाएं सिखाने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और विश्वविद्यालयों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। अवसर पर सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, अपर सचिव श्री मनुज गोयल, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो. दीवान एस. रावत, प्रो. नवीन चंद्र लोहानी, प्रो. एन. के. जोशी एवं प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
