देहरादून: उत्तराखंड की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से, मुख्यमंत्री आवास स्थित ‘मुख्य सेवक सदन’ में एक भव्य उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की बौद्धिक संपदा यानी साहित्यकारों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और विधाओं के लिए सम्मानित किया।
साहित्य भूषण और दीर्घकालीन साधना का सम्मान
इस समारोह का मुख्य आकर्षण राज्य का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान ‘साहित्य भूषण’ रहा, जिससे मुख्यमंत्री ने डॉ. जितेन ठाकुर को विभूषित किया। डॉ. ठाकुर का साहित्य के क्षेत्र में योगदान राज्य के लिए एक अनमोल धरोहर है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने उन दिग्गजों को भी मंच प्रदान किया जिन्होंने दशकों तक अपनी लेखनी से समाज का मार्गदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, केसर सिंह राय और अताए साबिर अफजल मंगलौरी को ‘उत्तराखंड दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उत्तराखंड की लोक भाषाओं और साहित्य के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक भी है।
सांस्कृतिक पहचान को मजबूती
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बात पर जोर दिया कि साहित्यकार समाज का दर्पण होते हैं और उनकी रचनाएँ आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक का कार्य करती हैं। उत्तराखंड भाषा संस्थान के माध्यम से आयोजित यह कार्यक्रम राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत स्थानीय बोलियों और साहित्य को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सम्मानित होने वाले सभी विद्वानों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी लेखनी उत्तराखंड की ‘सॉफ्ट पावर’ को मजबूती प्रदान कर रही है।
