मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों और मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की तत्काल सहायता के साथ-साथ थराली में बेघर लोगों के पुनर्वास के लिए बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं, जिस पर प्रभावी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

महीने में दूसरी मर्तबा उत्तराखंड में आई बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदा ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने की घटना के बाद सब सामान्य होना शुरू ही हुआ था कि बीते दिन चमोली के थराली में बादल फटने की घटना ने फिर लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आज सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चमोली के कुलसारी पहुंचे और आपदा राहत शिविर का निरीक्षण किया, प्रभावित लोगों से मिले और आपदा की इस घड़ी में उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों से राहत शिविर में उपलब्ध व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी ली। इसके अलावा पीड़ितों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक मदद की भी घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को किसी भी तरह की असुविधा न हो और उन्हें समय पर और पूरी संवेदनशीलता के साथ सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों और मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की तत्काल सहायता के साथ-साथ थराली में बेघर लोगों के पुनर्वास के लिए बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं, जिस पर प्रभावी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस दौरान थराली में कुछ आपदा प्रभावित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से ऊपरी गांवों की सड़क जल्द से जल्द खुलवाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सड़क खोलने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है और जैसे ही रास्ता सुरक्षित होगा, वह खुद ग्रामीणों के साथ वहां जाएंगे और स्थिति का जायजा लेंगे।
कुलसारी के एक राहत शिविर में धामी ने कहा कि लोगों को बचाया गया है, और घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जरूरी सहायता प्रदान की जा रही है। हम पानी और बिजली सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और यह सुनिश्चित करने को प्राथमिकता बताया कि उन्हें जरूरी सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा, “उससे पहले हम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें जरूरी सुविधाएं प्रदान करने की व्यवस्था कर रहे हैं। हमारी प्राथमिकता पीड़ितों की मदद करना है।प्रशासन इसके लिए लगातार काम कर रहा है।पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सभी कल सुबह यहां पहुंचे। मैं उनसे लगातार संपर्क में था।”
