सीएम धामी बोले : आतंकवादी खतरे के मद्देनजर यात्रा के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी कांवड़ में एटीएस की होगी तैनाती

देहरादून, विशेष संवाददाता। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ यात्रा के दौरान आतंकवादी खतरों के मद्देनजर एंटी टेररिज्म स्क्वायड (एटीएस) और विशेष सुरक्षा बलों को तैनात करने के निर्देश दिए। मंगलवार को दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंस से कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की तोड़फोड़, उपद्रव या अन्य अवांछनीय घटनाओं को रोकने के लिए भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा के दौरान लगने वाले शिविरों में कार्यरत लोगों, वालंटियरों और होटल/धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों का सत्यापन कराया जाए। साथ ही कांवड़ियों को लाठी, डंडा, नुकीली वस्तुएं आदि ले जाने से रोकने के के लिए लिए प्रचार अभियान भी चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों में मादक पदार्थ, शराब एवं मांस की बिक्री पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाए। यात्रा मार्ग पर बिजली, पानी, चिकित्सा जैसी आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री ने महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध करने के भी निर्देश दिए।


पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

कांवड़ यात्रा यात्रा विशाल धार्मिक धार्मिक आयोजन है। सभी की सुविधा के लिए प्रभावी प्रबंध किए जा रहे हैं। सभी विभागीय सचिवों और पुलिस महानिरीक्षकों को तीन दिन में कांवड़ मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा करने व योजनाओं को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों से समन्वय बढ़ाकर सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया पर गलत सूचना और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई को कहा। उन्होंने किसी भी गलत सूचना का तत्काल खंडन करते हुए जनता को वास्तविकता से तत्काल अवगत कराने के निर्देश दिए। कांवड़ यात्रियों को ‘क्या करें और क्या न करें’ की जानकारी पम्फलेट, होर्डिंग, पब्लिक अनाउंसमेंट और सोशल मीडिया से दी जाएगी।

यह भी दिए निर्देश

  • प्रमुख स्थलों पर अग्निशमन यंत्र और फायर टेंडर रखे जाएंगे
  • खाद्य व पेय पदार्थों की गुणवत्ता की सख्ती से जांच की जाएगी
  • भीड़ प्रबंधन के लिए सीसीटीवी और ड्रोन से निरंतर निगरानी
  • हरिद्वार के घाटों, नीलकंठ महादेव मंदिर आदि में एम्बुलेंस और बैकअप की व्यवस्था
  • पर्याप्त संख्या में सादे कपड़ों में महिला व पुरुष सुरक्षाकर्मियों की तैनाती

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