नानकमत्ता में सीएम धामी ने किया महाराणा प्रताप जयंती समारोह का शुभारंभ; मेधावी छात्र सम्मानित, जनजातीय विकास के लिए की कई बड़ी घोषणाएं

नानकमत्ता (ऊधम सिंह नगर): मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नानकमत्ता में आयोजित ‘वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह’ का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस गौरवमयी अवसर पर मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समारोह को संबोधित करने से पूर्व मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेका और देवभूमि उत्तराखंड की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की।


महाराणा प्रताप भारत के स्वाभिमान के अमर प्रतीक

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि नानकमत्ता साहिब की पावन धरती, जहां गुरुओं का आशीर्वाद सदैव बना रहता है, वहां महाराणा प्रताप जैसे महान राष्ट्रनायक का स्मरण करना हर नागरिक के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के शासक नहीं थे, बल्कि वे संपूर्ण भारत की आन, बान और स्वाभिमान के अमर प्रतीक हैं, जिनका जीवन हमें राष्ट्र प्रथम की प्रेरणा देता है।


थारू समाज की संस्कृति उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर

मुख्यमंत्री ने स्थानीय थारू समाज की समृद्ध परंपराओं, लोक गीतों, लोक नृत्यों और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली की खुलकर सराहना की। उन्होंने इसे उत्तराखण्ड की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और समग्र विकास के लिए ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, वन धन योजना और जनजातीय विकास मिशन जैसी दूरगामी योजनाओं के माध्यम से आज जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।


उत्तराखंड में जनजातीय विकास के लिए उठाए गए बड़े कदम

राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं और वित्तीय स्वीकृतियों की जानकारी साझा की:

  • अटल आवास योजना में सुधार: सरकार ने योजना के तहत आय सीमा को व्यावहारिक बनाया है और आवास निर्माण सहायता राशि में वृद्धि की है। अकेले ऊधम सिंह नगर जिले में इस योजना के तहत 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।

  • शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार: जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    • खटीमा: बालिका छात्रावास के निर्माण के लिए 4 करोड़ रुपये स्वीकृत।

    • बाजपुर: 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय एवं छात्रावास का निर्माण कार्य जारी।

    • गदरपुर: 100 बेड की क्षमता वाले छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है।

  • महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार: जनजातीय महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन और वन धन केंद्रों के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए महिलाओं को 1 करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और 8 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता प्रदान की गई है।

  • शोध को बढ़ावा: जनजातीय शोध संस्थान के सुचारू संचालन के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड स्थापित किया गया है।


समारोह में गरिमामयी उपस्थिति

इस भव्य कार्यक्रम में क्षेत्र के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। मंच पर रुद्रपुर विधायक श्री शिव अरोरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अजय मौर्य, मेयर श्री विकास शर्मा, कार्यक्रम के संयोजक व पूर्व विधायक श्री प्रेम सिंह राणा, दर्जा राज्य मंत्री श्री अनिल कपूर डब्बू मौजूद रहे। इसके साथ ही प्रशासनिक मोर्चे पर जिलाधिकारी श्री नितिन सिंह भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री अजय गणपति सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय जनता और मेधावी छात्र उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री का संदेश: “हमारी सरकार थारू और अन्य जनजातीय समाजों के आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। युवाओं को आधुनिक शिक्षा और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर ही हम एक समृद्ध उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं।”


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