देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में ओबीसी वेलफेयर पार्लियामेंट्री कमेटी (OBC Welfare Parliamentary Committee) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमण्डल ने शिष्टाचार भेंट की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के कल्याण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को लेकर सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल का स्वागत करते हुए कहा कि ओबीसी संसदीय समिति देश में सामाजिक समरसता, न्याय और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
विधिक और संस्थागत व्यवस्था से मिल रहा हक
संसदीय समिति से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में ओबीसी समाज के कल्याण और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए मजबूत विधिक और संस्थागत व्यवस्थाएं लागू हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल योजनाएं बनाती नहीं है, बल्कि विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का समय-समय पर पॉलिसी रिव्यू, फीडबैक और फॉलोअप भी किया जाता है। इसी त्रिस्तरीय निगरानी तंत्र का परिणाम है कि सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ राज्य के प्रत्येक जरूरतमंद ओबीसी परिवार तक बिना किसी बाधा के पहुँच रहा है।
90 जाति एवं उपजातियों के समग्र विकास के लिए बजट
राज्य की जनसांख्यिकी और नीतिगत प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया:
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सशक्तिकरण के प्रयास: उत्तराखण्ड में वर्तमान में लगभग 90 जाति एवं उपजाति समुदाय ओबीसी (OBC) की सूची में शामिल हैं, जिनके सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
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गरीब कल्याण को समर्पित बजट: राज्य की नीतियों और वार्षिक बजट का मूल आधार ही गरीब, वंचित, शोषित और कमजोर वर्गों का कल्याण है।
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सामाजिक सुरक्षा का सुरक्षा कवच: प्रदेश में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन जैसी महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे लाभार्थियों के खातों तक प्रभावी रूप से पहुँचाया जा रहा है।
प्रतिनिधिमण्डल में कई दिग्गज सांसद रहे शामिल
ओबीसी वेलफेयर पार्लियामेंट्री कमेटी के इस दौरे में देश के विभिन्न प्रांतों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख सांसद और जनप्रतिनिधि शामिल रहे। बैठक के दौरान समिति के अध्यक्ष सांसद श्री गणेश सिंह के साथ ही सांसद सर्वश्री:
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विजय बघेल, डॉ. स्वामी सच्चिदानंद हरि साक्षी (साक्षी महाराज)
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विद्युत बरन महतो, रोडमल नागर, रमाशंकर विद्यार्थी राजभर
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डॉ. अशोक कुमार यादव, गिरधारी यादव, मस्तान राव यादव बीड़ा
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राजेंद्र गहलोत, शुभाशीष खूंटिया, मयंककुमार नायक एवं डॉ. भीम सिंह मौजूद रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान विधायी और प्रशासनिक स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इनमें लोकसभा के संयुक्त सचिव श्री अतुल आनंद, उप सचिव लोकसभा पुनीत भाटिया, मुख्यमंत्री के अपर सचिव श्री मनमोहन मैनाली तथा पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के जोनल मैनेजर श्री अनुपम सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री का ने कहा “हमारी सरकार का एक ही संकल्प है— अंत्योदय। जब तक समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का विकास नहीं होता, तब तक विकास की परिभाषा अधूरी है। ओबीसी समाज के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर देना हमारी प्राथमिकता है।”
